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मैनपुरी: आदमी तूं आदमी से प्यार करना सीख ले
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मैनपुरी। मयन साहित्य संगम की ओर से ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में सोमवार को मासिक काव्य गोष्ठी हुई। कवि बदन सिंह मस्ताना ने आदमी तू आदमी से प्यार करना सीख ले... कविता पढ़ी।
कवि शिवदत्त दुबे ने जन्म होता, मरण होता आना-जाना समझ आता कविता पढ़ी। कवयित्री ऊषा त्रिपाठी ने बात इंसानियत की किससे करूं, आदमी-आदमी से परेशान है... कविता सुनाई। डॉ. मनोज सक्सेना ने बेटियां मां का मंगल गीत, पिता का प्यार होती हैं। गीत गाकर उपस्थित लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
गोष्ठी में कवि सुरेंद्र सिंह सौश्रव, प्रवोध भदौरिया, डॉ. अरविंद पाल, शिव सिंह चौहान, प्रेमचंद्र मिश्र, श्रीचंद्र वर्मा, जयप्रकाश मिश्र ने भी काव्य पाठ किया। एडवोकेट गोविंद मिश्र, अभयराम, जतिन दीक्षित, जयश्री दुबे, सुमित कुमार, योगी यादव, पप्पी, संचालन मनोज मिश्रा ने किया।
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कवि शिवदत्त दुबे ने जन्म होता, मरण होता आना-जाना समझ आता कविता पढ़ी। कवयित्री ऊषा त्रिपाठी ने बात इंसानियत की किससे करूं, आदमी-आदमी से परेशान है... कविता सुनाई। डॉ. मनोज सक्सेना ने बेटियां मां का मंगल गीत, पिता का प्यार होती हैं। गीत गाकर उपस्थित लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
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गोष्ठी में कवि सुरेंद्र सिंह सौश्रव, प्रवोध भदौरिया, डॉ. अरविंद पाल, शिव सिंह चौहान, प्रेमचंद्र मिश्र, श्रीचंद्र वर्मा, जयप्रकाश मिश्र ने भी काव्य पाठ किया। एडवोकेट गोविंद मिश्र, अभयराम, जतिन दीक्षित, जयश्री दुबे, सुमित कुमार, योगी यादव, पप्पी, संचालन मनोज मिश्रा ने किया।
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