{"_id":"580bbc034f1c1bbd59702c27","slug":"player","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठगे से रहे गए बिना कार्ड के स्टेडियम पहुंचे खिलाड़ी\/प्रशिक्षु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठगे से रहे गए बिना कार्ड के स्टेडियम पहुंचे खिलाड़ी/प्रशिक्षु
ठगे से रहे गए बिना कार्ड के स्टेडियम पहुंचे खिलाड़ी/प्रशिक्षु
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
ठगे से रहे गए बिना कार्ड के स्टेडियम पहुंचे खिलाड़ी/प्रशिक्षु
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दृश्य एक : दिन शनिवार,
समय : सुबह 5:30 बजे,
स्थान: एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम का प्रवेश द्वार।
हल्की ठंड के बीच करीब सौ प्रशिक्षु/खिलाड़ी गेट खुलने के इंतजार कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की रोशनी में खड़े खिलाड़ियों की झुंझुलाहट इस बात को लेकर है कि वे समय पर हैं लेकिन गेट नहीं खुला। इनमें से कुछ चौकीदार को आवाज लगाते हैं लेकिन गेट नहीं खुलने पर चर्चा में व्यस्त हो जाते हैं।
दृश्य दो: समय 5:45 बजे
चौकीदार सुशील गेट खोलता है। एक साथ सभी खिलाड़ी/प्रशिक्षु स्टेडियम में प्रवेश करते हैं लेकिन यह क्या, स्टैंड पर वाहन रखने के बाद जब वे आगे बढ़े तो अब मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला मिला। इस बार सख्ती थोड़ी अधिक थी। पहली तो यह कि चैनल छह बजे खुलेगा। दूसरे बिना मान्य कार्ड के किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रशिक्षु फिर इंतजार करते हैं।
दृश्य तीन : समय 6:00 बजे:
इस समय तक क्रीड़ाधिकारी एसएस चौहान समेत कई खेल प्रशिक्षक भी आ जाते हैं। खिलाड़ियों और प्रशिक्षुओं को बताया जाता है कि अब से समय सुबह छह से आठ बजे और शाम को चार से छह बजे का रहेगा। असेंबली मैदान पर न होकर बाहर होगी। अब तक प्रशिक्षुओं/खिलाड़ियों की संख्या करीब 250 के पार पहुंच जाती है। राष्ट्रगान के बाद सभी मुख्य मैदान और अपने-अपने प्रशिक्षण स्थल का रुख करते हैं। दरअसल, सुबह-शाम मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही स्टेडियम में प्रशिक्षण की समय सारणी में बदलाव किया गया है तो अनावश्यक स्टेडियम पहुंचने वालों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। यूं तो प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण और कार्ड पहले से ही अनिवार्य है लेकिन इस पर सख्ती से अमल शुरू हुआ है। शनिवार को बिना कार्ड के पहुंचे दर्जनों प्रशिक्षु/खिलाड़ी लौटा दिए गए।
विज्ञापन
बिना कार्ड के प्रवेश नहीं मिलने पर कुछ युवक दीवार फांदकर मैदान पर पहुंच गए। प्रशिक्षक ने उन्हें पकड़ लिया। पूछने पर वे कार्ड नहीं दिखा सके। उप क्रीड़ाधिकारी अरविंद यादव ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए वापस जाने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि अगली बार उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
वहीं, प्रशिक्षकों की लेटलतीफी जारी है। शनिवार को विभागीय समेत कई संविदा प्रशिक्षक नदारद रहे तो कई देरी से पहुंचे। गौरतलब है कि लेटलतीफी को लेकर आरएसओ चंचल मिश्रा ने हाल ही में प्रशिक्षकों को पटकार लगाई थी।
वर्जन
प्रशिक्षण का समय सुबह छह बजे से और शाम को चार बजे तय किया गया है। वहीं, कार्ड को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। बिना कार्ड के प्रवेश नहीं मिलेगा।
अरविंद यादव, उप क्रीड़ाधिकारी
फर्जी फार्म पकड़ा
एंट्री कार्ड की अनिवार्यता के चलते प्रशिक्षु फर्जीवाड़े से बाज नहीं आ रहे हैं। शनिवार सुबह चेकिंग के दौरान एक प्रशिक्षु फर्जी फार्म लेकर प्रवेश करने लगा। कार्ड मांगने पर उसने वही फार्म दिखाया और कहा कि अभी कार्ड नहीं बन सका। प्रशिक्षकों ने उसे जांचा तो सभी विवरण गलत भरे थे। बाद में उसे चेतावनी देकर लौटा दिया गया।
विज्ञापन
समय : सुबह 5:30 बजे,
स्थान: एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम का प्रवेश द्वार।
हल्की ठंड के बीच करीब सौ प्रशिक्षु/खिलाड़ी गेट खुलने के इंतजार कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की रोशनी में खड़े खिलाड़ियों की झुंझुलाहट इस बात को लेकर है कि वे समय पर हैं लेकिन गेट नहीं खुला। इनमें से कुछ चौकीदार को आवाज लगाते हैं लेकिन गेट नहीं खुलने पर चर्चा में व्यस्त हो जाते हैं।
दृश्य दो: समय 5:45 बजे
चौकीदार सुशील गेट खोलता है। एक साथ सभी खिलाड़ी/प्रशिक्षु स्टेडियम में प्रवेश करते हैं लेकिन यह क्या, स्टैंड पर वाहन रखने के बाद जब वे आगे बढ़े तो अब मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला मिला। इस बार सख्ती थोड़ी अधिक थी। पहली तो यह कि चैनल छह बजे खुलेगा। दूसरे बिना मान्य कार्ड के किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रशिक्षु फिर इंतजार करते हैं।
विज्ञापन
दृश्य तीन : समय 6:00 बजे:
इस समय तक क्रीड़ाधिकारी एसएस चौहान समेत कई खेल प्रशिक्षक भी आ जाते हैं। खिलाड़ियों और प्रशिक्षुओं को बताया जाता है कि अब से समय सुबह छह से आठ बजे और शाम को चार से छह बजे का रहेगा। असेंबली मैदान पर न होकर बाहर होगी। अब तक प्रशिक्षुओं/खिलाड़ियों की संख्या करीब 250 के पार पहुंच जाती है। राष्ट्रगान के बाद सभी मुख्य मैदान और अपने-अपने प्रशिक्षण स्थल का रुख करते हैं। दरअसल, सुबह-शाम मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही स्टेडियम में प्रशिक्षण की समय सारणी में बदलाव किया गया है तो अनावश्यक स्टेडियम पहुंचने वालों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। यूं तो प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण और कार्ड पहले से ही अनिवार्य है लेकिन इस पर सख्ती से अमल शुरू हुआ है। शनिवार को बिना कार्ड के पहुंचे दर्जनों प्रशिक्षु/खिलाड़ी लौटा दिए गए।
विज्ञापन
बिना कार्ड के प्रवेश नहीं मिलने पर कुछ युवक दीवार फांदकर मैदान पर पहुंच गए। प्रशिक्षक ने उन्हें पकड़ लिया। पूछने पर वे कार्ड नहीं दिखा सके। उप क्रीड़ाधिकारी अरविंद यादव ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए वापस जाने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि अगली बार उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
वहीं, प्रशिक्षकों की लेटलतीफी जारी है। शनिवार को विभागीय समेत कई संविदा प्रशिक्षक नदारद रहे तो कई देरी से पहुंचे। गौरतलब है कि लेटलतीफी को लेकर आरएसओ चंचल मिश्रा ने हाल ही में प्रशिक्षकों को पटकार लगाई थी।
वर्जन
प्रशिक्षण का समय सुबह छह बजे से और शाम को चार बजे तय किया गया है। वहीं, कार्ड को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। बिना कार्ड के प्रवेश नहीं मिलेगा।
अरविंद यादव, उप क्रीड़ाधिकारी
फर्जी फार्म पकड़ा
एंट्री कार्ड की अनिवार्यता के चलते प्रशिक्षु फर्जीवाड़े से बाज नहीं आ रहे हैं। शनिवार सुबह चेकिंग के दौरान एक प्रशिक्षु फर्जी फार्म लेकर प्रवेश करने लगा। कार्ड मांगने पर उसने वही फार्म दिखाया और कहा कि अभी कार्ड नहीं बन सका। प्रशिक्षकों ने उसे जांचा तो सभी विवरण गलत भरे थे। बाद में उसे चेतावनी देकर लौटा दिया गया।