दर्द आज... दवा कल देने की कहकर लौटाया, ऐसा है एसएन मेडिकल कॉलेज का हाल
- एसएन मेडिकल कॉलेज में अगले दिन की ओपीडी वाले मरीजों को नहीं मिला इलाज
- ओपीडी से इमरजेंसी भेजा, वहां से भर्ती की स्थिति न बताते हुए ओपीडी में जाने को कहा
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पेट में गांठ है, तेज दर्द हो रहा है, लेकिन डॉक्टर देखने को तैयार नहीं। ओपीडी गई तो कह दिया कल आना, दर्द है तो इमरजेंसी चली जाओ, इमरजेंसी पहुंची तो जवाब मिला, हालत इतनी खराब नहीं है कि भर्ती किया जाए, ओपीडी ही जाओ। अब कहां जाऊं, किसे दिखाऊं... यह पीड़ा है डौकी निवासी शकीला की। वह बुधवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में दिखाने के लिए आई थी, लेकिन उपचार नही नहीं मिला।
सिर्फ शकीला नहीं, ऐसी ही परेशानी लिए 30 से अधिक मरीज बिना इलाज के लौट गए। एसएन मेडिकल कॉलेज में बुधवार को 210 मरीज पहुंचे, इसमें से 143 को ओपीडी में देखा और 67 को हालत खराब होने पर इमरजेंसी भेज दिया। बुधवार को भी बिना पंजीकरण कराए सर्जरी, हड्डी, आंख और त्वचा रोग के मरीज भी पहुंच गए। इन मर्ज की ओपीडी गुरुवार को लगी। मरीजों को जानकारी न होने के कारण डॉक्टरों को दिखाने के लिए कहने लगे।
ओपीडी स्टाफ ने इन मरीजों को बताया कि इन बीमारियों के मरीज गुरुवार को देखे जाएंगे, इसके लिए दीवार पर दर्ज नंबर पर पंजीकरण करा लो। जिन मरीजों ने ज्यादा तकलीफ बताई, उनको इमरजेंसी भेज दिया। इमरजेंसी में स्टाफ को मरीज की हालात भर्ती करने लायक नहीं मिली और ओपीडी में पंजीकरण कराते हुए डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी। इससे बुजुर्ग और दूरदराज से आए मरीजों को परेशानी हुई।
'कभी इधर भेजा, कभी उधर... फुटबाल बना दिया'
सैंया से आईं खातून ने बताया कि उन्हें फोड़े हो गए हैं। ओपीडी पर गई तो कहा कि सर्जरी विभाग के मरीज गुरुवार को देखे जाएंगे। इसके लिए फोन पर नंबर लगा दो, लेकिन दर्द होने पर उन्होंने कहा इमरजेंसी चले जाओ, वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। फुटबाल बना दिया है।
नई बस्ती निवासी सलमा ने कहा कि दांत और कान की परेशानी हैं, दर्द अधिक हो रहा है। पस भी आने लगा है। परेशानी बढ़ने पर इमरजेंसी आया तो एसएन की ओपीडी भेज दिया। नंबर लगवाने को कहा, लेकिन फोन काम नहीं कर रहा था। क्या करें फोन और नंबर नहीं होगा तो इलाज नहीं मिलेगा।
फतेहाबाद के कप्तान सिंह ने कहा कि छाती में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परेशानी होने पर एसएन कॉलेज की ओपीडी में आया। यहां पर नंबर लगाने वालों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। फोन कर नंबर लगा नहीं पाया। दिक्कत होने पर ओपीडी से विभाग के चक्कर काटते रहे।
व्यवस्था की जानकारी न होने से दिक्कत
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि किसी भी बीमारी के गंभीर मरीज को इमरजेंसी भेज रहे हैं। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर भर्ती कर लेते हैं, बाकी को अगले दिन सामान्य ओपीडी में दिखाने के लिए बता देते हैं। अभी पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी न होने से शुरुआत में दिक्कत हो रही है।