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शर्मनाक: जिला अस्पताल में ढाई घंटे एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर तड़पता रहा मरीज

Fri, 11 Dec 2020 09:52 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 11 Dec 2020 09:52 AM IST
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Patient Waits For Treatment And Ambulance  At District Hospital From Two And Half Hours
एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर मरीज - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया मरीज ढाई घंटे एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर ही तड़पता रहा। एंबुलेंस चालक ने फोन पर ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास डीजल ही नहीं है। बाद में दूसरी एंबुलेंस से मरीज को ले जाया गया।
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कुरावली के मोहल्ला सदर बाजार निवासी वीरेंद्र सिंह (75) को बृहस्पतिवार सुबह अचानक लकवा मार गया। इससे उनका आधार शरीर काम करना बंद हो गया। बेटे प्रदीप कुमार ने सुबह सात बजे के करीब निजी वाहन से उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सैफई रेफर कर दिया। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब रेफर करने के बाद परिजनों से उन्हें ले जाने के लिए कहा गया। प्रदीप व अन्य परिजन स्ट्रेचर पर उन्हें इमरजेंसी के गेट पर ले आए और एंबुलेंस को फोन किया।
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प्रदीप कुमार ने बताया कि 108 नंबर पर फोन मिलाया तो उनकी बात एंबुलेंस चालक से कराई गई तो उसने आने में असमर्थता जताई। बार-बार पूछने पर उसने बताया कि उसकी एंबुलेंस में डीजल नहीं है। परिजनों ने कहा कि डीजल वह डलवा देंगे, इसके बाद भी एंबुलेंस चालक राजी नहीं हुआ। काफी मिन्नतों के बाद भी दोबारा फोन मिलाने की बात कहकर उसने फोन काट दिया। काफी देर प्रदीप अपने और अन्य परिजनों के फोन से एंबुलेंस के लिए फोन लगाते रहे, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में साढ़े 11 बजे के करीब संपर्क होने पर दोपहर 12 बजे एंबुलेंस आई। इस एंबुलेंस से वे मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज सैफई गए। एंबुलेंस के इंतजार में मरीज लगभग ढाई घंटे स्ट्रेचर पर ही तड़पता रहा। 
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परिजनों के छलके आंसू 
एंबुलेंस के लिए जब परिजन इंतजार कर रहे थे तो मरीज स्ट्रेचर पर तड़प रहा था। लकबा के कारण मरीज का आधा शरीर कंपन करने के साथ ही ठंडा पड़ता जा रहा था। परिजन चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उनकी आंखों आंसू छलक आए। 


एंबुलेंस में ऑनलाइन कार्ड से डीजल डलवाने की व्यवस्था है। नेटवर्क में दिक्कत के चलते कई बार डीजल पड़ने में देरी होती है। आज भी ऐसी ही समस्या आई थी। पीड़ित को दूसरी एंबुलेंस कॉल के आधा घंटे बाद उपलब्ध करा दी गई थी।  - संदीप दीक्षित, जिला कार्यक्रम अधिकारी एंबुलेंस सेवा। 
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