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अब दस मिनट में बंदियों की बैरक में पहुंचेगी मदद, जेल बैरकों में लगा पैनिक बटन
Thu, 02 Jul 2020 03:39 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 02 Jul 2020 03:39 PM IST
सार
जिला कारागार में वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम का डीआईजी ने किया उद्घाटन
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पैनिक बटन की शुरुआत के दौरान डीआईजी जेल लव कुमार व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा जिला कारागार की बैरक में बंदियों के बीच झगड़ा, बीमार होने और किसी भी आपात स्थिति में मदद मुहैया कराने के लिए वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं। दस से 15 मिनट में जेल कर्मी और अधिकारी उन तक पहुंच जाएंगे। बुधवार को डीआईजी कारागार लव कुमार ने इस सिस्टम का उद्घाटन किया।
जिला कारागार में 32 बैरक हैं। जो कि दूर-दूर है। किसी तरह की आपात स्थिति में बंदियों को शोर मचाना पड़ता था। ऐसे में एक से सवा घंटा बंदियों तक मदद मिलने में लग जाता था।
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जिला जेल के अधीक्षक शशिकांत मिश्र के मुताबिक, बंदियों को तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए बैरकों में पैनिक बटन लगाए गए हैं। बंदी के बीमार होने, झगड़ा होने पर इसे बंदी दबा देंगे। इससे गेट पर बने कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा, जिस बैरक से बटन दबाया जाएगा, उस बैरक के नंबर वाली लाइट जलेगी। अलार्म बजने पर संबंधित कर्मचारी अधिकारियों को अवगत कराएंगे। दस से 15 मिनट में बंदियों को मदद मुहैया करा दी जाएगी।
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जिला कारागार में 32 बैरक हैं। जो कि दूर-दूर है। किसी तरह की आपात स्थिति में बंदियों को शोर मचाना पड़ता था। ऐसे में एक से सवा घंटा बंदियों तक मदद मिलने में लग जाता था।
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जिला जेल के अधीक्षक शशिकांत मिश्र के मुताबिक, बंदियों को तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए बैरकों में पैनिक बटन लगाए गए हैं। बंदी के बीमार होने, झगड़ा होने पर इसे बंदी दबा देंगे। इससे गेट पर बने कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा, जिस बैरक से बटन दबाया जाएगा, उस बैरक के नंबर वाली लाइट जलेगी। अलार्म बजने पर संबंधित कर्मचारी अधिकारियों को अवगत कराएंगे। दस से 15 मिनट में बंदियों को मदद मुहैया करा दी जाएगी।
मोबाइल जैमर में भी करेगा कार्य
जेल अधीक्षक ने बताया कि वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम बंगलूरू की कंपनी फार्बिक्स सेमिकान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है। अलार्म सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी पर कार्य करता है। यह न ही हैक किया जा सकता है और ना ही जैम होगा। यह मोबाइल जैमर एक्टिव होने पर भी काम करेगा। इसे बैरकों के ऊपर 20 ट्रांसमीटर फिक्स करके 32 वायरलेस बटन बैरकों के अंदर लगाए गए हैं।
नौ लाख रुपये का आया खर्च
जिला कारागार में वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम को लगाने के लिए नौ लाख रुपये का खर्च आया है। इसे गिरिराज किशोर बंसल, इंद्रा बंसल के सहयोग से स्थापित किया गया है। उद्घाटन के मौके पर जेलर संजीव सिंह, राजेश सिह के अलावा समाजसेवी अंकित बंसल आदि मौजूद रहे।
जेल अधीक्षक ने बताया कि वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम बंगलूरू की कंपनी फार्बिक्स सेमिकान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है। अलार्म सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी पर कार्य करता है। यह न ही हैक किया जा सकता है और ना ही जैम होगा। यह मोबाइल जैमर एक्टिव होने पर भी काम करेगा। इसे बैरकों के ऊपर 20 ट्रांसमीटर फिक्स करके 32 वायरलेस बटन बैरकों के अंदर लगाए गए हैं।
नौ लाख रुपये का आया खर्च
जिला कारागार में वायरलेस पैनिक अलार्म सिस्टम को लगाने के लिए नौ लाख रुपये का खर्च आया है। इसे गिरिराज किशोर बंसल, इंद्रा बंसल के सहयोग से स्थापित किया गया है। उद्घाटन के मौके पर जेलर संजीव सिंह, राजेश सिह के अलावा समाजसेवी अंकित बंसल आदि मौजूद रहे।