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पुरुषोत्तम मासः 19 सितंबर को वृंदावन में ऊर्जा मंत्री करेंगे संतों संग परिक्रमा, पंचकोसीय मार्ग का बुरा हाल
Fri, 18 Sep 2020 01:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 18 Sep 2020 01:11 AM IST
सार
वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा का विशेष महत्व है। भक्तजन इस पंचकोसीय परिक्रमा के दायरे में श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली और आचार्यों की आराधना भूमि को नमन करते हैं। पुरुषोत्तम मास में कोरोना काल के बावजूद वृंदावन परिक्रमा में भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा लेकिन परिक्रमा की हालत बेहद खराब है।
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वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वृंदावन में शुक्रवार से पुरुषोत्तम मास की शुरुआत होने जा रही रही है। 18 सितंबर से 16 अक्तूबर तक यह मास भले ही मांगलिक कार्यों के लिए ठीक नहीं है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान के लिए इसे बेहद शुभ माना जाता है। इसी के साथ संत-महंत और आचार्यों की आराधना स्थली वृंदावन में परिक्रमा का दौर शुरू हो रहा है, लेकिन वृंदावन परिक्रमा का हाल बहुत खराब है।
वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा का विशेष महत्व है। भक्तजन इस पंचकोसीय परिक्रमा के दायरे में श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली और आचार्यों की आराधना भूमि को नमन करते हैं। पुरुषोत्तम मास में कोरोना काल के बावजूद वृंदावन परिक्रमा में भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा लेकिन परिक्रमा की हालत बेहद खराब है।
चामुंडा मोड के पास पंचमुखी हनुमान तक परिक्रमा की स्थिति बेहद खराब है। यहां रोड पर डाबर उखड़ी हुई है, गड्ढे हो गए हैं। यह करीब एक किलोमीटर का दायरा है, जहां परिक्रमार्थियों के पैरों को कंकरीट घायल कर देगी। पानीगांव तिराहे से श्याम कुटी तक जल निगम द्वारा बनाए गए सीवर के चैंबर बैठ गए हैं, रास्ता भी नहीं है। जगन्नाथघाट, टटिया स्थान, रामपुर वाली रास्ता पर सीवर की लाइन बैठ गई हैं। पीडब्ल्यूडी और जल निगम इन स्थानों पर अब लीपापोती करने में जुटे हैं। इसके अलावा संपूर्ण कच्चे परिक्रमा मार्ग में बिजली और जल निगम कर्मचारी कनेक्शन के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दे रहे हैं।
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वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा का विशेष महत्व है। भक्तजन इस पंचकोसीय परिक्रमा के दायरे में श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली और आचार्यों की आराधना भूमि को नमन करते हैं। पुरुषोत्तम मास में कोरोना काल के बावजूद वृंदावन परिक्रमा में भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा लेकिन परिक्रमा की हालत बेहद खराब है।
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चामुंडा मोड के पास पंचमुखी हनुमान तक परिक्रमा की स्थिति बेहद खराब है। यहां रोड पर डाबर उखड़ी हुई है, गड्ढे हो गए हैं। यह करीब एक किलोमीटर का दायरा है, जहां परिक्रमार्थियों के पैरों को कंकरीट घायल कर देगी। पानीगांव तिराहे से श्याम कुटी तक जल निगम द्वारा बनाए गए सीवर के चैंबर बैठ गए हैं, रास्ता भी नहीं है। जगन्नाथघाट, टटिया स्थान, रामपुर वाली रास्ता पर सीवर की लाइन बैठ गई हैं। पीडब्ल्यूडी और जल निगम इन स्थानों पर अब लीपापोती करने में जुटे हैं। इसके अलावा संपूर्ण कच्चे परिक्रमा मार्ग में बिजली और जल निगम कर्मचारी कनेक्शन के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दे रहे हैं।
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प्राधिकरण द्वारा लगाए गए लाल पत्थर अनेक स्थानों पर टूट गए हैं। अनेक स्थानों पर परिक्रमा मार्ग पर ढकेल-खोमचा वालों का कब्जा है। पानी की निकासी का समुचित प्रबंध न होने के कारण अनेक स्थानों पर सड़क खराब हो गई है। गिट्टी उखड़ी हुई हैं, गड्ढे हैं। इन अव्यवस्थाओं से परिक्रमा करने वाले श्रद्घालुओं को इस बार पुरुषोत्तम मास में गुजरना होगा।
19 को ऊर्जामंत्री करेंगे संतों के साथ परिक्रमा
पुरुषोत्तम मास के प्रारंभ में 19 सितंबर को ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा वृंदावन की परिक्रमा करेंगे। इसका संदेश लखनऊ से मिलने के बाद अफसरों में खलबली मच गई है। वृंदावन परिक्रमा को खुर्द-बुर्द कर रही सरकारी एजेसियां अब उसकी लीपापोती में जुट गई हैं। कहीं मिट्टी भरी जा रही है तो कहीं मरम्मत हो रही है।
19 को ऊर्जामंत्री करेंगे संतों के साथ परिक्रमा
पुरुषोत्तम मास के प्रारंभ में 19 सितंबर को ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा वृंदावन की परिक्रमा करेंगे। इसका संदेश लखनऊ से मिलने के बाद अफसरों में खलबली मच गई है। वृंदावन परिक्रमा को खुर्द-बुर्द कर रही सरकारी एजेसियां अब उसकी लीपापोती में जुट गई हैं। कहीं मिट्टी भरी जा रही है तो कहीं मरम्मत हो रही है।