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बच्ची की मौत के मामलें में बाल रोग विशेषज्ञ का रोका वेतन
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में 20 जून को उपचार के अभाव में आठ माह की बच्ची की मौत हो गई थी। मामले में बाल रोग विशेषज्ञ पर कार्रवाई करते हुए जून माह का वेतन रोक दिया गया है।
शहर के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी जगवीर सिंह की आठ माह की पुत्री छाया की उपचार के अभाव में मौत हो गई थी। जगवीर ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में बच्ची पांच घंटे तक रही लेकिन न तो उसे भर्ती किया गया और न ही उपचार दिया गया था। मामले में सीएमओ ने सीएमएस डॉ. अरविंद कुमार गर्ग से जांच रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य को उपचार में शिथिलता बरतने के आरोप में वेतन रोकने के आदेश जारी किए। सीएमओ के निर्देश पर सौ शैया अस्पताल के सीएमएस ने बाल रोग विशेषज्ञ का जून का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। शुक्रवार को डॉ. डीके शाक्य को वेतन रोकने का पत्र प्राप्त हुआ।
सौ शैया अस्पताल में है तैनाती
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य की मूलरूप से तैनाती सौ शैया अस्पताल में है। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चलने के कारण उन्हें यहां संबद्ध किया गया है। सौ शैया अस्पताल के सीएमएस ने उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की है।
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प्रकट की नाराजगी
वेतन रोकने की कार्रवाई पर डॉ. डीके शाक्य ने नाराजगी प्रकट की है। उनका कहना है कि वह प्रतिदिन समय से मरीजों को देखते हैं। घटना वाले दिन वे अवकाश पर थे। उनसे स्पष्टीकरण भी नहीं मांगा गया। बिना स्पष्टीकरण के कार्रवाई की गई है।
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शहर के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी जगवीर सिंह की आठ माह की पुत्री छाया की उपचार के अभाव में मौत हो गई थी। जगवीर ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में बच्ची पांच घंटे तक रही लेकिन न तो उसे भर्ती किया गया और न ही उपचार दिया गया था। मामले में सीएमओ ने सीएमएस डॉ. अरविंद कुमार गर्ग से जांच रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य को उपचार में शिथिलता बरतने के आरोप में वेतन रोकने के आदेश जारी किए। सीएमओ के निर्देश पर सौ शैया अस्पताल के सीएमएस ने बाल रोग विशेषज्ञ का जून का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। शुक्रवार को डॉ. डीके शाक्य को वेतन रोकने का पत्र प्राप्त हुआ।
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सौ शैया अस्पताल में है तैनाती
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य की मूलरूप से तैनाती सौ शैया अस्पताल में है। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चलने के कारण उन्हें यहां संबद्ध किया गया है। सौ शैया अस्पताल के सीएमएस ने उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की है।
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प्रकट की नाराजगी
वेतन रोकने की कार्रवाई पर डॉ. डीके शाक्य ने नाराजगी प्रकट की है। उनका कहना है कि वह प्रतिदिन समय से मरीजों को देखते हैं। घटना वाले दिन वे अवकाश पर थे। उनसे स्पष्टीकरण भी नहीं मांगा गया। बिना स्पष्टीकरण के कार्रवाई की गई है।