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Agra: ओपन व लेप्रोस्कोपिक तकनीक जहां सफल नहीं, वहां रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन होते हैं सफल
Sun, 19 Mar 2023 01:58 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 19 Mar 2023 01:58 PM IST
सार
होटल होली-डे-इन में आयोजित 88वें एसोसिएशन ऑफ मिनिमल एक्सेस सर्जरी (अमासी) स्किल कोर्स व एफएमएएस परीक्षा कार्यक्रम में शामिल हुए।
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रोबोटिक सर्जरी
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
आगरा में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार जैन के मुताबिक देश में रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जहां हम ओपन व लैप्रोस्कोपिक तकनीक से नहीं पहुंच पाते, रोबोटिक सर्जरी से ऐसे ऑपरेशन किए जाते हैं। जल्दी ही यह सर्जरी भी आम लोगों के लिए सुलभ होने के साथ कम कीमत में उपलब्ध होगी। वह शुक्रवार को होटल होली-डे-इन में आयोजित 88वें एसोसिएशन ऑफ मिनिमल एक्सेस सर्जरी (अमासी) स्किल कोर्स व एफएमएएस परीक्षा कार्यक्रम में शामिल हुए।
डॉ. संजय कुमार जैन ने कहा कि देश की 50 फीसदी जनता (खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र) को इलाज के दौरान सर्जिकल मदद नहीं मिल पाती। सर्जन्स की कमी के साथ नई तकनीकों से प्रशिक्षित सर्जन्स की भी कमी है। अमासी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वर्गीज सीजे ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से सर्जन्स को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित कर देश के हर कोने में जरूरतमंद मरीजों के लिए बेतरह सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. तमोनास चौधरी ने कहा कि सर्जन को अपडेट रखने के लिए इस तरह के कोर्स बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. मयंक जैन ने बताया कि 200 से अधिक सर्जन एंडो ट्रेनर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसमें केरल, श्रीनगर, पटना, कलकत्ता, हैदराबाद, सूरत, भोपाल, लखनऊ, पटियाला आदि स्थानों से सर्जन आए हैं। रविवार को परीक्षा होगी। अमासी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओम तांतिया, आयोजन समिति के डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. अपूर्व चतुर्वेदी, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. जूही सिंघल, डॉ. जगत पाल, डॉ. आराधना आदि की उपस्थिति रहीं।
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डॉ. संजय कुमार जैन ने कहा कि देश की 50 फीसदी जनता (खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र) को इलाज के दौरान सर्जिकल मदद नहीं मिल पाती। सर्जन्स की कमी के साथ नई तकनीकों से प्रशिक्षित सर्जन्स की भी कमी है। अमासी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वर्गीज सीजे ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से सर्जन्स को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित कर देश के हर कोने में जरूरतमंद मरीजों के लिए बेतरह सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. तमोनास चौधरी ने कहा कि सर्जन को अपडेट रखने के लिए इस तरह के कोर्स बहुत जरूरी है।
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कार्यक्रम संयोजक डॉ. मयंक जैन ने बताया कि 200 से अधिक सर्जन एंडो ट्रेनर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसमें केरल, श्रीनगर, पटना, कलकत्ता, हैदराबाद, सूरत, भोपाल, लखनऊ, पटियाला आदि स्थानों से सर्जन आए हैं। रविवार को परीक्षा होगी। अमासी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओम तांतिया, आयोजन समिति के डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. अपूर्व चतुर्वेदी, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. जूही सिंघल, डॉ. जगत पाल, डॉ. आराधना आदि की उपस्थिति रहीं।
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