{"_id":"5ec807748ebc3e909b66acc9","slug":"online-fraud-mainpuri-news-agr442887519","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगला दुगई का युवक हुआ ऑनलाइन ठगी का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगला दुगई का युवक हुआ ऑनलाइन ठगी का शिकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशनी (मैनपुरी)। गांव नगला दुगई निवासी एक युवक ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। ठग के बताए खाते में उसने 80 हजार रुपये जमा करा दिए। जानकारी होने के बाद पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की है।
थाना क्षेत्र के गांव नगला दुगई कुसमरा निवासी रोहित ने ऑनलाइन एक बेवसाइड पर वैगनआर कार बिक्री का विज्ञापन देखा। साइड पर विक्रेता का नाम व मोबाइल नंबर भी था। रोहित ने उक्त नंबर पर जब संपर्क किया तो
किसी राजेश नाम के व्यक्ति बात हुई। उसने अपने आप को एयरपोर्ट पर तैनात कर्मी बताया।
बातचीत के दौरान गाड़ी की कीमत भी बताई। उसने रोहित से एक खाता नंबर में एक लाख रुपये डालने के लिए कहा। रोहित ने उक्त खाते में 80 हजार रुपये डाल दिए। इस बीच देशभर में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद जब भी बात होती तो वह व्यक्ति लखनऊ एयरपोर्ट आकर कार ले जाने की बात कह देता।
20 मई को रोहित किराए की गाड़ी से लखनऊ पहुंचा और उक्त व्यक्ति को फोन किया।
जवाब में राजेश ने कहा कि उसका मैनेजर अभी उससे आकर मिलेगा।
कई घंटों के इंतजार के बाद भी जब वहां कोई नहीं आया तो एयरपोर्ट अथॉरिटी से जानकारी ली।
पता चल कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति वहां कार्य नहीं करता। ठगी का शिकार हुए रोहित ने अब थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के गांव नगला दुगई कुसमरा निवासी रोहित ने ऑनलाइन एक बेवसाइड पर वैगनआर कार बिक्री का विज्ञापन देखा। साइड पर विक्रेता का नाम व मोबाइल नंबर भी था। रोहित ने उक्त नंबर पर जब संपर्क किया तो
विज्ञापन
किसी राजेश नाम के व्यक्ति बात हुई। उसने अपने आप को एयरपोर्ट पर तैनात कर्मी बताया।
बातचीत के दौरान गाड़ी की कीमत भी बताई। उसने रोहित से एक खाता नंबर में एक लाख रुपये डालने के लिए कहा। रोहित ने उक्त खाते में 80 हजार रुपये डाल दिए। इस बीच देशभर में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद जब भी बात होती तो वह व्यक्ति लखनऊ एयरपोर्ट आकर कार ले जाने की बात कह देता।
20 मई को रोहित किराए की गाड़ी से लखनऊ पहुंचा और उक्त व्यक्ति को फोन किया।
जवाब में राजेश ने कहा कि उसका मैनेजर अभी उससे आकर मिलेगा।
कई घंटों के इंतजार के बाद भी जब वहां कोई नहीं आया तो एयरपोर्ट अथॉरिटी से जानकारी ली।
पता चल कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति वहां कार्य नहीं करता। ठगी का शिकार हुए रोहित ने अब थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की है।