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सिकंदरा वाटर वर्क्स के लिए एक और पाइप लाइन
अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 13 Jun 2016 01:55 AM IST
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सिकंदरा वाटर वर्क्स के लिए एक और पाइप लाइन
- फोटो : Amar Ujala
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संकट गहराने पर जल निगम ने जलकल के सामने रखा प्रस्ताव
यमुना से 1600 एमएम की रॉ वाटर पाइप लाइन डाली जाएगी
सिकंदरा वाटर वर्क्स के लिए एक और रॉ वाटर पाइप लाइन डाली जाएगी। यह लाइन पिछली पाइप लाइन से 400 एमएम अधिक परिधि की होगी। यह निर्णय 1200 एमएम की पाइप लाइन के जर्जर होने पर लिया गया है। नई पाइप लाइन गंगा जल प्रोजेक्ट के तहत डाली जाएगी।
बता दें कि सिकंदरा वाटर वर्क्स की रॉ वाटर पाइप लाइन जर्जर हो चुकी है। यह आए दिन क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसकी वजह से आधे शहर में जल संकट गहरा जाता है। पिछले डेढ़ महीने में यह पाइप लाइन कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
जलकल को इस पाइप लाइन का बोझ कम करते हुए एक टाइम पानी सप्लाई का रोस्टर जारी करना पड़ा। क्योंकि वाटर वर्क्स के लिए यदि रॉ वाटर की मात्रा बढ़ाई जाती है तो पाइप फटने का डर रहता है। गौरतलब है कि यमुना से सिकंदरा वाटर वर्क्स तक 1200 एमएम की रॉ वाटर पाइप लाइन जल निगम द्वारा डाली गई थी। सूत्रों के अनुसार, 1600 एमएम की नई पाइप लाइन को नदी किनारे बने पुराने पंपिंग स्टेशन से ही जोड़ा जाएगा। ये रिहायशी क्षेत्र के बजाए वन क्षेत्र से गुजारी जाएगी।
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जांच की आंच से बचने को निकाला रास्ता
सिकंदरा की रॉ वाटर पाइप लाइन आए दिन क्षतिग्रस्त होने पर शासन ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र प्रताप को जांच सौंपी गई है। ऐसे में जांच की आंच आने से पहले जल निगम रास्ता तलाशने में जुट गया है। निगम के अधिकारियों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को तर्क दिया जा रहा है कि गंगा जल पाइप लाइन के साथ रॉ वाटर के लिए एक और पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव पहले से ही तय था। मगर, जलकल के कुछ कर्मचारियों द्वारा इस पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह पूर्व में प्रस्तावित था तो अब तक इस पर अमल क्यों नहीं किया गया।
...तो भरपूर मिलेगा पानी
सिकंदरा वाटर वर्क्स की क्षमता 146 एमएलडी पानी प्रतिदिन सप्लाई की है। मगर, रॉ वाटर के अभाव में इससे आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे बमुश्किल 90 एमएलडी पानी ही दिया जा रहा है। यदि वाटर वर्क्स को पर्याप्त मात्रा में रॉ वाटर उपलब्ध होगा तो आधे से अधिक शहर को भरपूर पानी मिल सकेगा।
मरम्मत पर ज्यादा खर्च
हाल ही के दिनों में यह पाइप लाइन 28 अप्रैल को कैलाश मंदिर रोड पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे लगभग पांच दिन जलापूर्ति बाधित रही थी। जैसे-तैसे सप्लाई शुरू हुई तो 20 मई को फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप बदला जाता, इसी दौरान 22 मई को एक और पाइप क्षतिग्रस्त हो गया। जलकल अधिकारियों की मानें तो एक पाइप बदलने में लगभग 20-25 लाख रुपये का खर्च आता है। अब तक दर्जनभर से अधिक बार यह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
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यमुना से 1600 एमएम की रॉ वाटर पाइप लाइन डाली जाएगी
सिकंदरा वाटर वर्क्स के लिए एक और रॉ वाटर पाइप लाइन डाली जाएगी। यह लाइन पिछली पाइप लाइन से 400 एमएम अधिक परिधि की होगी। यह निर्णय 1200 एमएम की पाइप लाइन के जर्जर होने पर लिया गया है। नई पाइप लाइन गंगा जल प्रोजेक्ट के तहत डाली जाएगी।
बता दें कि सिकंदरा वाटर वर्क्स की रॉ वाटर पाइप लाइन जर्जर हो चुकी है। यह आए दिन क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसकी वजह से आधे शहर में जल संकट गहरा जाता है। पिछले डेढ़ महीने में यह पाइप लाइन कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
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जलकल को इस पाइप लाइन का बोझ कम करते हुए एक टाइम पानी सप्लाई का रोस्टर जारी करना पड़ा। क्योंकि वाटर वर्क्स के लिए यदि रॉ वाटर की मात्रा बढ़ाई जाती है तो पाइप फटने का डर रहता है। गौरतलब है कि यमुना से सिकंदरा वाटर वर्क्स तक 1200 एमएम की रॉ वाटर पाइप लाइन जल निगम द्वारा डाली गई थी। सूत्रों के अनुसार, 1600 एमएम की नई पाइप लाइन को नदी किनारे बने पुराने पंपिंग स्टेशन से ही जोड़ा जाएगा। ये रिहायशी क्षेत्र के बजाए वन क्षेत्र से गुजारी जाएगी।
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जांच की आंच से बचने को निकाला रास्ता
सिकंदरा की रॉ वाटर पाइप लाइन आए दिन क्षतिग्रस्त होने पर शासन ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र प्रताप को जांच सौंपी गई है। ऐसे में जांच की आंच आने से पहले जल निगम रास्ता तलाशने में जुट गया है। निगम के अधिकारियों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को तर्क दिया जा रहा है कि गंगा जल पाइप लाइन के साथ रॉ वाटर के लिए एक और पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव पहले से ही तय था। मगर, जलकल के कुछ कर्मचारियों द्वारा इस पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह पूर्व में प्रस्तावित था तो अब तक इस पर अमल क्यों नहीं किया गया।
...तो भरपूर मिलेगा पानी
सिकंदरा वाटर वर्क्स की क्षमता 146 एमएलडी पानी प्रतिदिन सप्लाई की है। मगर, रॉ वाटर के अभाव में इससे आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे बमुश्किल 90 एमएलडी पानी ही दिया जा रहा है। यदि वाटर वर्क्स को पर्याप्त मात्रा में रॉ वाटर उपलब्ध होगा तो आधे से अधिक शहर को भरपूर पानी मिल सकेगा।
मरम्मत पर ज्यादा खर्च
हाल ही के दिनों में यह पाइप लाइन 28 अप्रैल को कैलाश मंदिर रोड पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे लगभग पांच दिन जलापूर्ति बाधित रही थी। जैसे-तैसे सप्लाई शुरू हुई तो 20 मई को फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप बदला जाता, इसी दौरान 22 मई को एक और पाइप क्षतिग्रस्त हो गया। जलकल अधिकारियों की मानें तो एक पाइप बदलने में लगभग 20-25 लाख रुपये का खर्च आता है। अब तक दर्जनभर से अधिक बार यह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।