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Agra News: रक्षाबंधन पर 18 साल बाद सर्वार्थ सिद्धि के साथ बन रहे तीन शुभ योग
Sat, 17 Aug 2024 10:58 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:58 PM IST
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बाजार में राखी की खरीदारी करतीं महिलाएं।
मैनपुरी। रक्षाबंधन इस साल 19 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात ये है कि भाई बहन के इस पर्व पर 18 वर्षों बाद सर्वार्थ सिद्धि के साथ तीन योग का शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से भाई-बहनों को समृद्धि और खुशहाली का साथ मिलेगा। शनिवार को रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजारों मे भीड़ रही।
शनिवार को शहर के बाजारों में राखी की खरीदारी के साथ-साथ कपड़े और स्वर्ण आभूषणों की दुकानों में भी महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। बाजार में दो सौ रुपये तक की आकर्षक राखियां मौजूद हैं। इनमें रेशम के धागे की विशेष नक्काशी कर रखी है। शनिवार को शहर के मुख्य बाजारों में राखियों, कपड़ों के अलावा स्वर्णकारों की दुकानों में भी महिलाओं को राखियां खरीदते देखा गया। वहीं मिठाइयों की दुकान पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी।
आचार्य रामानंदन ने बताया कि पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन का पर्व बहनों के लिए बेहद खास है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। रक्षाबंधन पर्व पर 18 साल के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इन योगों में राखी बांधने से रिश्तों में मधुरता बनी रहती है। हालांकि इस दिन दोपहर तक भद्राकाल का साया भी रहेगा। ऐसे में राखी बांधने का सही समय दोपहर बाद है।
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भद्राकाल का करें बचाव
आचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भद्रा सुबह 5 बजकर 53 मिनट से आरंभ होकर दोपहर 1 बजकर 32 मिनट रहेगी। इसके बाद ही बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधे। भद्रा काल में राखी बांधना निषेध होता है। इससे भाई की आयु कम होती है। बल्लव संप्रदाय से जुड़े लोग शाम 4.55 से 6.56 बजे तक मंदिरों में भगवान को प्रदोष काल के समय भोग, संध्या आरती करें। इसके बाद बहनों के भाइयों को राखी बांधने का विधान है।
शुभ मुहूर्त
आचार्य रामानंदन बताते हैं कि राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 19 अगस्त दोपहर 1.33 से लेकर रात 9.07 तक रहेगा। महासंयोग के इस शुभ मुहूर्त में बहनें भाइयों को राखी बांध सकती हैं। बहनों को भाई की कलाई पर राखी सही विधि से बांधनी चाहिए।इसके अनुसार, सबसे पहले भाई को रोली, अक्षत का टीका लगाएं। इसके बाद भाई की दाहिने कलाई पर राखी बांधें। उसे मिठाई खिलाएं। फिर भाई की आरती उतारें और उसके सुखी जीवन की कामना करें। वहीं राखी बंधवाने के बाद भाई को अपनी बहनों के चरण स्पर्श करने चाहिए।
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शनिवार को शहर के बाजारों में राखी की खरीदारी के साथ-साथ कपड़े और स्वर्ण आभूषणों की दुकानों में भी महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। बाजार में दो सौ रुपये तक की आकर्षक राखियां मौजूद हैं। इनमें रेशम के धागे की विशेष नक्काशी कर रखी है। शनिवार को शहर के मुख्य बाजारों में राखियों, कपड़ों के अलावा स्वर्णकारों की दुकानों में भी महिलाओं को राखियां खरीदते देखा गया। वहीं मिठाइयों की दुकान पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी।
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आचार्य रामानंदन ने बताया कि पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन का पर्व बहनों के लिए बेहद खास है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। रक्षाबंधन पर्व पर 18 साल के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इन योगों में राखी बांधने से रिश्तों में मधुरता बनी रहती है। हालांकि इस दिन दोपहर तक भद्राकाल का साया भी रहेगा। ऐसे में राखी बांधने का सही समय दोपहर बाद है।
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भद्राकाल का करें बचाव
आचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भद्रा सुबह 5 बजकर 53 मिनट से आरंभ होकर दोपहर 1 बजकर 32 मिनट रहेगी। इसके बाद ही बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधे। भद्रा काल में राखी बांधना निषेध होता है। इससे भाई की आयु कम होती है। बल्लव संप्रदाय से जुड़े लोग शाम 4.55 से 6.56 बजे तक मंदिरों में भगवान को प्रदोष काल के समय भोग, संध्या आरती करें। इसके बाद बहनों के भाइयों को राखी बांधने का विधान है।
शुभ मुहूर्त
आचार्य रामानंदन बताते हैं कि राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 19 अगस्त दोपहर 1.33 से लेकर रात 9.07 तक रहेगा। महासंयोग के इस शुभ मुहूर्त में बहनें भाइयों को राखी बांध सकती हैं। बहनों को भाई की कलाई पर राखी सही विधि से बांधनी चाहिए।इसके अनुसार, सबसे पहले भाई को रोली, अक्षत का टीका लगाएं। इसके बाद भाई की दाहिने कलाई पर राखी बांधें। उसे मिठाई खिलाएं। फिर भाई की आरती उतारें और उसके सुखी जीवन की कामना करें। वहीं राखी बंधवाने के बाद भाई को अपनी बहनों के चरण स्पर्श करने चाहिए।