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टिप्पणी से भड़क गए थे अफसर

Tue, 22 Mar 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Mar 2016 01:52 AM IST
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Officers were provoked after comment
कुंद‌‌न‌िका - फोटो : अमर उजाला आगरा
कुंदनिका शर्मा ने वांटेड होते हुए भी दीवानी चौराहा पर प्रदर्शन किया। पुलिस अफसरों को एसएमएस किए, जहां कहो, वहां आ जाऊं, पकड़ लेना। इसके बाद कई कार्यक्रम में शामिल हुई। तब पुलिस ने नहीं पकड़ी। पुलिस सूत्रों की मानें तो तीन दिन पहले भाजपा के महाघेराव के दौरान उन्होंने पुलिस पर जो टिप्पणी की, उससे अफसर भड़क गए। इसी के बाद गिरफ्तारी का प्लान बनाया गया। सोमवार सुबह कमला नगर से जैसे ही बिट्टू अपहरण कांड में उनके समर्थक कलक्ट्रेट गए, पुलिस उनके घर पहुंच गई। थोड़ी देर पहले तक वे भी प्रदर्शन में शामिल रहीं। इससे पुलिस को उनकी सटीक लोकेशन मिल गई।
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पति का नाम कहीं दिनेश तो कहीं विनोद
आगरा। जिस मामले की गूंज संसद में सुनाई दी और जिसके चलते घंटों तक विधान सभा ठप रही, उसमें भी पुलिस बड़ी चूक पर बैठी। दो अलग अलग जगह पर कुंदनिका के पति के दो अलग अलग नाम लिखे गए। पुलिस ने एफआईआर में कुंदनिका शर्मा के पति का नाम विनोद शर्मा लिखा। गिरफ्तारी के चालान पर भी यही नाम है। केस डायरी के पर्चो में भी यही है। लेकिन मेडिकल परीक्षण के दौरान पुलिस ने उनके पति का नाम दिनेश चंद शर्मा बताया। इस तरह कोर्ट के सामने जो कागजात पहुंचे, उनमें कुंदनिका के पति का नाम कहीं दिनेश शर्मा लिखा था तो कहीं विनोद शर्मा।
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सीडी दिखाकर कराई आरोपी की पहचान
इस पर विवेचना अधिकारी ने कहा कि यह सिर्फ लिपिकीय त्रुटि है। उसने कोर्ट में वह सीडी दिखाई जिसमें कुंदनिका भाषण देते नजर आ रही हैं। इसके अलावा अखबारों की कटिंग पेश की। इसके बाद ही यह माना गया कि जिस महिला को कोर्ट के सामने पेश किया गया है, वह कुंदनिका शर्मा ही हैं। इसी के बाद उनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया। बाद में अंतरिम जमानत मिली।
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तीन घंटे सांसत में रही लोहामंडी पुलिस
आगरा। कुंदनिका शर्मा की ओर से अधिवक्ता अचल शर्मा, अशोक कोटिया, हेमेंद्र शर्मा, अशोक गुप्ता, राजेश कुलश्रेष्ठ, संजय कप्तान, महेश बघेल, मधु शर्मा, राजेश कुलश्रेष्ठ और लक्ष्मी लवानिया ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि  पहले पुलिस को भूल के लिए दण्डित किए जाने पर सुनवाई होनी चाहिए। इसके बाद तीन घंटे लोहामंडी थाना पुलिस सांसत में रही। कुंदनिका का रिमांड बनने पर जान में जान आई।
वर्जन
पुलिस अधिकारी कई दिनों से कह रहे थे कि बिट्टू अपहरण कांड में होने जा रहे जुलूस प्रदर्शन रुकवाओ, आपकी मदद करेंगे, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया था, इसलिए मेरी गिरफ्तारी की गई - कुंदनिका शर्मा


--। लिपिकीय त्रुटि से एक नाम गलत लिखा गया, यह बड़ी बात नहीं है, पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, आगे भी करती रहेगी, इस केस में सभी आरोपियों पर कार्रवाई होगी - राजेंद्र यादव ( सीओ लोहामंडी )
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