{"_id":"5ddc197d8ebc3e54791d934d","slug":"officer-in-mainpurri-mainpuri-news-agr4170247200","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक अफसरों के पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक अफसरों के पद खाली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। सपा सरकार में वीवीआईपी का दर्जा रखने वाला मैनपुरी अब सरकार की बेरुखी से जूझ रहा है। हाल ये है कि जिले में अफसरों के डेढ़ दर्जन से अधिक पद खाली पड़े हैं। लंबे समय से इन पर तैनाती नहीं की जा रही है। दूसरी ओर जिले में पहले से तैनात अफसरों का भी तबादला किया जा रहा है। इससे विभागों की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं।
सरकार द्वारा समाज के कल्याण के लिए योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है, लेकिन इनका लाभ लोगों तक पहुंचाना विभागों के लिए मुश्किल हो रहा है। अकेले विकास भवन में ही एक दर्जन से अधिक पद खाली पड़े हैं। इससे योजनाओं के संचालन की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
कहने को तो दूसरे अधिकारियों को खाली पद का अतिरिक्ति कार्यभार दिया गया है, लेकिन एक साथ कई कार्यभार के चलते सभी काम प्रभावित हो रहे हैं। कहीं न कहीं लोग इसे सरकार की बेरुखी से जोड़कर ही देख रहे हैं। ये तो हाल अफसरों का है, अगर कर्मचारियों की बात करें तो बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हुए हैं। जिम्मेदार केवल तैनाती के लिए हर साल शासन को पत्र लिख देते हैं, जिससे कोई हल नहीं निकलता है।
विज्ञापन
ये पद हैं खाली
-अपर जिलाधिकारी न्यायिक
-मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
-जिला अभिहित अधिकारी
-जिला प्रोबेशन अधिकारी
-समाज कल्याण अधिकारी विकास
-जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी
-जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
-सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता
-परियोजना अधिकारी नेडा
-जिला कृषि रक्षा अधिकारी
-सहायक निदेशक मत्स्य
-जिला युवा कल्याण अधिकारी
-जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी
-सहायक अभियंता, आरईएस
-अवर अभियंता, डीआरडीए
-पांच खंड विकास अधिकारी
नवीन तैनाती की उम्मीद
खाली पदों की सूचना शासन को भेजी जाती है, ताकि जल्द से जल्द अफसरों की तैनाती की जा सके। वर्तमान में तैनात अफसरों से ही अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है। जल्द ही नवीन तैनाती की उम्मीद है।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
सरकार द्वारा समाज के कल्याण के लिए योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है, लेकिन इनका लाभ लोगों तक पहुंचाना विभागों के लिए मुश्किल हो रहा है। अकेले विकास भवन में ही एक दर्जन से अधिक पद खाली पड़े हैं। इससे योजनाओं के संचालन की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
विज्ञापन
कहने को तो दूसरे अधिकारियों को खाली पद का अतिरिक्ति कार्यभार दिया गया है, लेकिन एक साथ कई कार्यभार के चलते सभी काम प्रभावित हो रहे हैं। कहीं न कहीं लोग इसे सरकार की बेरुखी से जोड़कर ही देख रहे हैं। ये तो हाल अफसरों का है, अगर कर्मचारियों की बात करें तो बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हुए हैं। जिम्मेदार केवल तैनाती के लिए हर साल शासन को पत्र लिख देते हैं, जिससे कोई हल नहीं निकलता है।
विज्ञापन
ये पद हैं खाली
-अपर जिलाधिकारी न्यायिक
-मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
-जिला अभिहित अधिकारी
-जिला प्रोबेशन अधिकारी
-समाज कल्याण अधिकारी विकास
-जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी
-जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
-सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता
-परियोजना अधिकारी नेडा
-जिला कृषि रक्षा अधिकारी
-सहायक निदेशक मत्स्य
-जिला युवा कल्याण अधिकारी
-जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी
-सहायक अभियंता, आरईएस
-अवर अभियंता, डीआरडीए
-पांच खंड विकास अधिकारी
नवीन तैनाती की उम्मीद
खाली पदों की सूचना शासन को भेजी जाती है, ताकि जल्द से जल्द अफसरों की तैनाती की जा सके। वर्तमान में तैनात अफसरों से ही अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है। जल्द ही नवीन तैनाती की उम्मीद है।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।