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एक्सक्लूसिव: एसएन मेडिकल कॉलेज में फीस लगने लगी तो कोरोना जांच कराने वालों की संख्या घटी
Thu, 28 Jan 2021 01:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 28 Jan 2021 01:15 PM IST
सार
- नौ दिन में 51 लोगों ने ही कराई कोरोना वायरस की जांच
- निशुल्क होने पर रोजाना 30 से 40 लोग देते थे नमूना
- एसएन प्रशासन ने 300 से 1500 रुपये कर दी है फीस
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में कोरोना वायरस की जांच के लिए फीस लगने से एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जांच कराने वालों की संख्या एकदम से घट गई है। नौ दिन में महज 51 लोगों ने ही जांच कराई है। जब सुविधा निशुल्क थी, तब रोजाना 30 से 40 लोग जांच करा रहे थे।
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18 जनवरी से एसएन के ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए शुल्क तय कर दिया है। इसमें आरटीपीसीआर जांच के लिए 600 रुपये और ट्रूनैट मशीन से जांच के लिए 1500 रुपये है। कैंसर मरीज है तो उसे 300 रुपये जांच के लिए देने होंगे।
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शुल्क लगना शुरू होने के बाद जांच कराने वालों की संख्या रोजाना पांच से भी कम हो गई, जबकि सामान्य दिनों में रोजाना 30 से 40 रहते थे। नौ दिन में केवल 51 लोगों ने आरटीपीसीआर से जांच कराई।
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600 रुपये वाली जांच में 24 घंटे बाद आती है रिपोर्ट
600 रुपये में आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। इसमें मरीज के नमूने लेने के बाद 24 घंटे बाद रिपोर्ट मिलती है। जबकि ट्रूनैट मशीन से जांच कराने पर एक से दो घंटे में रिपोर्ट मिल जाती है, लेकिन इसके लिए करीब ढाई गुना रुपये खर्च करने होते हैं।
जांच निशुल्क ही कराई जाए
सामाजिक कार्यकर्ता शफी हैदर जाफरी ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच सरकार निशुल्क करा रही है, एसएन में रुपये लगने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुश्किल हो रही है। सरकार एसएन में भी ओपीडी के मरीजों की कोरोना की जांच निशुल्क कर दे तो बड़ी राहत मिलेगी।
शुल्क लगने के बाद संख्या घटी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ओपीडी मरीजों के लिए कोरोना वायरस की जांच दर तय होने के बाद करीब 51 लोगों ने अभी तक शुल्क देकर जांच कराई है। निशुल्क सुविधा मिलने के मुकाबले संख्या में काफी कमी आई है।
600 रुपये में आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। इसमें मरीज के नमूने लेने के बाद 24 घंटे बाद रिपोर्ट मिलती है। जबकि ट्रूनैट मशीन से जांच कराने पर एक से दो घंटे में रिपोर्ट मिल जाती है, लेकिन इसके लिए करीब ढाई गुना रुपये खर्च करने होते हैं।
जांच निशुल्क ही कराई जाए
सामाजिक कार्यकर्ता शफी हैदर जाफरी ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच सरकार निशुल्क करा रही है, एसएन में रुपये लगने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुश्किल हो रही है। सरकार एसएन में भी ओपीडी के मरीजों की कोरोना की जांच निशुल्क कर दे तो बड़ी राहत मिलेगी।
शुल्क लगने के बाद संख्या घटी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ओपीडी मरीजों के लिए कोरोना वायरस की जांच दर तय होने के बाद करीब 51 लोगों ने अभी तक शुल्क देकर जांच कराई है। निशुल्क सुविधा मिलने के मुकाबले संख्या में काफी कमी आई है।