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विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन करने गए एनएसयूआई कार्यकर्ता गिरफ्तार

Wed, 24 Jul 2019 12:02 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 24 Jul 2019 12:02 AM IST
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NSUI Workers arrested During Protest in Agra university
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्राओं ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। घटना के विरोध में मंगलवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कुलपति सचिवालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। 
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कुलपति से माफी मांगने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर हरीपर्वत थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। चार कार्यकर्ताओं को थाने ले गई। डेढ़ घंटे बाद छोड़ दिया।
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एनएसयूआई कार्यकर्ता कुलपति से मिलने के लिए जा रहे थे। कुलपति सचिवालय के बाहर ही उन्हें रोक दिया गया। कार्यकर्ता सचिवालय के गेट पर ही बैठकर कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विश्वविद्यालय में कार्यरत सुरक्षा एजेंसी और अभद्रता करने वाले सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से भी नोंकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं के नहीं हटने पर पुलिस एनएसयूआई के प्रदेश सचिव सतीश सिकरवार, प्रदेश संयोजक अंकुश गौतम, जिलाध्यक्ष बिलाल अहमद और ललित त्यागी को थाने ले गई। 

डेढ़ घंटे बाद करीब शाम साढ़े पांच बजे छोड़ा। विरोध प्रदर्शन में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा, कुलदीप दीक्षित, विवेक गौतम, ताहिर हुसैन, शैलेंद्र, नितिन, बलवीर शामिल रहे।

एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष बिलाल अहमद ने बताया कि छात्रा के साथ सुरक्षा गार्डों ने कुलपति के सामने मारपीट की थी। इसका विरोध करने के लिए गए थे। कुलपति मिले नहीं, पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करवा दिया गया। 

विश्वविद्यालय के चीफ प्रोक्टर प्रो.मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि यह स्पष्ट कर दिया गया था कि किसी छात्र या छात्रा के साथ कोई मारपीट या अभद्रता नहीं की गई। इसलिए माफी मांगने की मांग का औचित्य नहीं है। इसके बाद भी यह कुलपति सचिवालय के मुख्य द्वार से हटे नहीं। कार्य बाधित हुआ, पुलिस प्रशासन को सूचना ने दी। पुलिस ने भी पहले समझाया, नहीं माने तो फिर थाने ले गई।
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