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Agra News: अब मोटर नहीं जलेंगी, पहले ही पता चलेगी खराबी

Wed, 07 Aug 2024 11:16 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Wed, 07 Aug 2024 11:16 PM IST
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Now the motor will not burn, the fault will be detected in advance
इंजीनियरिंग कॉॅलेज में जानकारी देते निदेशक।
मैनपुरी। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मैनपुरी ने अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण शोध किया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख और सहायक प्रोफेसर डॉ. अंशुल कुमार मिश्रा ने इलेक्ट्रिक व्हीकल मोटर्स के लिए ध्वनि सिग्नेचर आधारित कम लागत वाला बुद्धिमान बियरिंग फॉल्ट डिटेक्टर तैयार किया है। इस परियोजना के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश से 18.58 लाख का अनुसंधान अनुदान प्राप्त हुआ है।
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यह परियोजना इलेक्ट्रिक वाहनों के मोटरों में बायरिंग की खराबियों का कम लागत में अच्छा निदान करने में सक्षम होगी। जिससे वाहनों की मरम्मत और रखरखाव में बड़ी सफलता मिल सकती है। डॉ. अंशुल कुमार मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चयनित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह परियोजना हमारे कॉलेज को अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी। इस परियोजना के सह-प्रमुख अन्वेषक (को-पीआई) के रूप में, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर शिवम यादव और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. असीम चंदेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण इस परियोजना की सफलता में अहम योगदान देगा।
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कॉलेज के निदेशक प्रो. दीपेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. अंशुल कुमार मिश्रा और उनकी टीम को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए बधाई। यह उपलब्धि न केवल कॉलेज के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी, बल्कि हमारे संस्थान को अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में भी सहायक होगी।
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पानी के अध्ययन के लिए भी मिला 12.36 लाख का अनुदान
कॉलेज को उत्तर प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में पीने के पानी/ जलभृतों में प्लास्टिक मलबे का विषाक्त अध्ययन सॉल्यूट ट्रांसपोर्ट के पैरामीट्रिक सिमुलेशन द्वारा परियोजना के लिए 12.36 लाख का अनुदान भी मिला है। इस परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ. सुधीर कुमार दुबे हैं, और सह-प्रमुख अन्वेषक के रूप में डॉ. अंबरीश कुमार तिवारी, डॉ. मत्स्येन्द्र नाथ शुक्ल और प्रियंका शामिल हैं।
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