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20 अफसर, 27 टीम, 70 दबिश, फिर भी सराफ हत्याकांड का खुलासा नहीं

Sat, 20 May 2017 12:15 AM IST
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला मथुरा
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला मथुरा Updated Sat, 20 May 2017 12:15 AM IST
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no development in saraf murder case in mathura till now
मथुरा में कत्ल - फोटो : अमर उजाला
दो सराफों की हत्या और चार करोड़ के सोने की लूट के खुलासे को डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी समेत 20 अफसर लगे हैं। 27 टीमें बदमाशों को पकड़ने के लिए दौड़ रही हैं। 70 दबिश अभी तक हो गई हैं, लेकिन पुलिस के हाथ ठोस सुराग तक नहीं लगा है। एसटीएफ के हाथ भी खाली हैं।
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15 मई को होलीगेट के कोयला वाली गली में दो सराफ मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या कर चार करोड़ का सोना लूट लिया गया था। इस वारदात से व्यापारी गुस्से में हैं। उसी दिन से मथुरा का बाजार बंद है। डीजीपी सुलखान सिंह 17 मई को पूरे दिन मथुरा में डेरा डाले रहे। 18 मई को आगरा में भी इस घटना की समीक्षा की। 
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यह वारदात विधानसभा तक में गूंजी लिहाजा खुलासे के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। एडीजी अजय आनंद लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं। आईजी की टीम लगी है। डीआईजी भी लगे हुए हैं। मथुरा के एसएसपी, एसपी देहात, एसपी क्राइम, एसपी सिटी के साथ स्वाट टीम को लगाया गया है। पुलिस अफसर जिनको तेज तर्रार दरोगा और इंस्पेक्टर कहते हैं वह भी लगा दिए हैं। इन सबने मिलकर शुक्रवार की शाम तक 70 दबिशें दे दी हैं। 
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उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और हरियाणा में होडल और मेवात के इलाके में छापे मारे गए हैं। राजस्थान के डीग में भी पुलिस पहुंची है। मथुरा के चौबियापाड़ा में तो एक दिन में तीन तीन दबिशें पड़ रही हैं। एसटीएफ की तो पूरी ताकत इस घटना के खुलासे में लगा दी गई है। अभी तक नतीजा सिफर ही है। किस गैंग का हाथ है। कौन बदमाश हैं इसकी जानकारी तक पुलिस को नहीं हो पाई है। खुलासे में जितना विलंब हो रहा है हालात उतने ही बिगड़ रहे हैं।  
 

मुख्यमंत्री और मंत्री भी रोज ले रहे अपडेट

17 मई को जब डीजीपी मथुरा आए थे तब उन्होंने कहा था कि पुलिस को अहम सुराग हाथ लग गए हैं जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। लेकिन इस बात को भी तीन दिन हो गए। 18 मई को आगरा में डीजीपी ने कहा कि पुलिस खुलासे के करीब है, लेकिन अभी कहीं कुछ दिख ही नहीं रहा है। योगी सरकार के लिए यह पहली चुनौतीपूर्ण घटना है। इस घटना को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब देना पड़ा था। डीजीपी को मथुरा भेजा गया। क्योंकि अब प्रदेश भर में आंदोलन हो रहे हैं लिहाजा मुख्यमंत्री भी दो सराफों की हत्या व लूटकांड इस घटना का रोज अपडेट ले रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा यहां के रहने वाले हैं लिहाजा वह भी पुलिस अफसरों के लगातार संपर्क में हैं। डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी देहात, एसपी क्राइम, एसपी सिटी, सीओ छह, एसएसपी एसटीएफ, एसपी एसटीएफ, चार सीओ एसटीएफ जांच में जुटे हैं। 

ददुआ-ठोकिया को ठोंकने वाली टीम भी जुटी

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सर्राफ की मौत - फोटो : अमर उजाला
ददुआ और ठोकिया समेत कई अपराधियों का खात्मा करने वाली एसटीएफ की टीम दो सराफा की हत्या करने वाले बदमाशों की तलाश में जुट गई है। टीम में पांच एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं। शासन ने इस घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ की टीम के वह लोग भी लगा दिए हैं जो ददुआ और ठोकिया को ठोंकने वाली टीम में शामिल रहे थे।

शुक्रवार की रात को इस टीम ने कई जगह दबिश दी। पांच लोगों को उठाया भी है। हत्या में भरतरपुर के भी दो बदमाशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। सात महीने पहले कामा में भी कोयलावाली गली वाली वारदात की तरह एक सराफ की हत्या कर एक करोड़ के जेवरात लूट लिए गए थे। मथुरा पुलिस ने राजस्थान पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराई है उसमें एक बदमाश का हुलिया कामा की वारदात में फरार चल रहे बदमाश से मिलता है। भरतपुर पुलिस के साथ उसकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। 
 

500 मोबाइल नंबरों का खंगाला जा रहा रिकार्ड

पुलिस की सर्विलांस टीम ने पुलिस ने होलीगेट, दलपत खिड़की, गूजर हट्टा, सतघड़ा तथा तुलसी चबूतरा इलाके के मोबाइल टावरों की लोकेशन ली है।  घटना से 20 मिनट पहले और 20 मिनट बाद तक इन टावरों की रेंज में आए 500 से अधिक मोबाइलों को संदिग्ध माना है। इसमें वे नंबर पहचाने जा रहे हैं जो कोयलावाली गली में घटनास्थल के पास आठ बजे के आसपास आए और जल्दी ही आउट हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार 20 ऐसे संदिग्ध नंबर मिले हैं जो लोकेशन में आए। कुछ नंबर तो ऐसे भी मिले हैं जिनमें 15 से 20 सेकेंड ही बात हुई। अब पुलिस उन 20 नंबरों की पल पल की लोकेशन ट्रेस कर रही है। सूत्रों के अनुसार उनमें से कुछ मोबाइलों की लोकेशन घटना स्थल के एक से डेढ़ किमी दूर चौबिया पाड़ा व आसपास मिल रही है।
 
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