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मथुरा: झाड़ियों में बिलखती मिली नवजात बच्ची, किसने मासूम को फेंका...पता लगाने में जुटी पुलिस
Mon, 12 Apr 2021 12:10 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 12 Apr 2021 12:10 AM IST
सार
- दौड़ लगाने जा रहे युवकों ने सुनी थी रोने की आवाज, दी पुलिस को सूचना
- बच्ची महिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में है भर्ती, किसकी है यह पहेली
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नवजात बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा से दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। दौड़ लगाने जा रहे युवकों ने रविवार की सुबह 5:30 बजे रामलला आश्रम के पास झाड़ियों में से नवजात बच्चे की रोने की आवाज सुनी। युवकों ने देखा तो कंबल में लिपटी हुई बच्ची दिखी। सूचना पर पहुंची राया पुलिस ने बच्ची को कब्जे में लेकर उसे महिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड के लिए भेज दिया। नवजात बच्ची को कौन और क्यों ऐसे फेंक गया पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है। चूंकि नवरात्र भी शुरू होने वाले हैं, इसी बीच किसी मां की ममता नहीं जागी और वह अपने कलेजे को टुकड़े को यों ही फेंककर चली गई।
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प्रतिदिन की तरह गांव हवेली, सियारा और बना के युवक दौड़ लगाने के लिए जाते हैं। रविवार को भी सभी युवक दौड़ लगाते हुए बलदेव रोड पर रामलला आश्रम के पास पहुंचे तो उन्हें झाड़ियों में से बच्चा रोने की आवाज आई। उत्सुकतावश युवक झाड़ियों के तरफ गए तो कंबल में लिपटी नवजात बच्ची को देख दंग रह गए। युवकों ने देर न करते हुए राया पुलिस को इसकी सूचना दी।
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प्रभारी निरीक्षक उत्तम पटेल ने बच्ची को अपने कब्जे में लिया। फिर चाइल्ड हेल्पलाइन को बुलवाया। हेल्पलाइन की मदद से बच्ची को महिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया। फिलहाल बच्ची खतरे से बाहर बताई जा रही है। सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह बच्ची किसकी है। फिर उसे यहां क्यों फेंका गया। ऐसे कई सवालों का जवाब पुलिस को ढूंढने में जुट गई।
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बच्ची को लेने के इच्छुक हैं आश्रम के महंत
बलदेव रोड पर रामलला आश्रम के महंत अमित बटुक बच्ची को लेने के काफी इच्छुक हैं। महंत का मानना है कि 14 अप्रैल से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। उनके आश्रम के पास कोई देवी मां को छोड़ गया है। उनका प्रयास है कि यह बच्ची उन्हें मिल जाए तो वह उसका लालन-पोषण करेंगे।
जंगली जानवरों से बच गई
नवजात को कौन फेंक गया और किस लिए फेंक गया, यह अभी पहेली है। इतना जरूर है कि नवजात को फेंकते हुए उस मां को तनिक भी रहम नहीं आया। गनीमत रही कि जंगली जानवर नवजात तक पहुंच नहीं सके। जबकि झाड़ियों में जंगली जानवर रहते हैं।
कुछ सवाल
- बिन ब्याही मां लोकलाज के चलते ऐसा कृत्य कर सकती है।
- बच्ची को सवेरे ही फेंका गया, क्यों उसे पता था कि कोई आएगा और पालन पोषण के लिए उठा ले जाएगा।
- यह भी हो सकता है कि किसी दंपती को कई संतान पहले ही हो, फिर बच्ची पैदा हो गई तो फेंक दिया हो।
- गरीबी के कारण भी किसी मां ने बच्ची को फेंक दिया हो। पालन पोषण करने में असमर्थ हो।
- फेंकते समय उस मां को यह भी ख्याल रहा कि बच्ची को कोई चोट न आए, इसलिए कंबल में लपेटकर रखा गया।
- जिस वक्त बच्ची के रोने की आवाज आई, लड़कों ने उसे देखा और पुलिस ने उठाया, आसपास ही महिला छिपकर देख रही होगी।
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बलदेव रोड पर रामलला आश्रम के महंत अमित बटुक बच्ची को लेने के काफी इच्छुक हैं। महंत का मानना है कि 14 अप्रैल से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। उनके आश्रम के पास कोई देवी मां को छोड़ गया है। उनका प्रयास है कि यह बच्ची उन्हें मिल जाए तो वह उसका लालन-पोषण करेंगे।
जंगली जानवरों से बच गई
नवजात को कौन फेंक गया और किस लिए फेंक गया, यह अभी पहेली है। इतना जरूर है कि नवजात को फेंकते हुए उस मां को तनिक भी रहम नहीं आया। गनीमत रही कि जंगली जानवर नवजात तक पहुंच नहीं सके। जबकि झाड़ियों में जंगली जानवर रहते हैं।
कुछ सवाल
- बिन ब्याही मां लोकलाज के चलते ऐसा कृत्य कर सकती है।
- बच्ची को सवेरे ही फेंका गया, क्यों उसे पता था कि कोई आएगा और पालन पोषण के लिए उठा ले जाएगा।
- यह भी हो सकता है कि किसी दंपती को कई संतान पहले ही हो, फिर बच्ची पैदा हो गई तो फेंक दिया हो।
- गरीबी के कारण भी किसी मां ने बच्ची को फेंक दिया हो। पालन पोषण करने में असमर्थ हो।
- फेंकते समय उस मां को यह भी ख्याल रहा कि बच्ची को कोई चोट न आए, इसलिए कंबल में लपेटकर रखा गया।
- जिस वक्त बच्ची के रोने की आवाज आई, लड़कों ने उसे देखा और पुलिस ने उठाया, आसपास ही महिला छिपकर देख रही होगी।
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