{"_id":"59809b794f1c1bb4728b469f","slug":"new-cirle-rate-in-agra-can-see-here","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ एक क्लिक में जानिए आगरा में अब कहां कितनी है जमीन की कीमत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ एक क्लिक में जानिए आगरा में अब कहां कितनी है जमीन की कीमत
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 01 Aug 2017 08:47 PM IST
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आगरा में प्रोपर्टी के मामले में खंदारी क्षेत्र शहर के स्टेटस सिंबल माने जाने वाले कमला नगर से अभी भी महंगा है। इस बार दोनों ही क्षेत्रों की सर्किल दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया, इसके बावजूद खंदारी के प्रमुख हनुमान मंदिर चौराहा की सर्किल रेट कमला नगर से ज्यादा है। हालांकि ये क्षेत्र शहर के सबसे महंगे क्षेत्र में नहीं है। एमजी रोड के सर्किल रेट इससे अधिक हैं।
हनुमान मंदिर खंदारी चौराहा से होम साइंस इंस्टीट्यूट तक की सर्किल रेट पिछली बार की तरह से इस बार भी 82 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर ही है। यहां के फ्रेंड्स अशियाना, फ्रेंड्स पैराडाईज, खंदारी, लाजपत कुंज, निर्मल आशियाना, रायल निर्मल अपार्टमेंट, शांति मॉल, कुंवर कालोनी, नगला जवाहर क्षेत्र में प्रोपर्टी खरीदना कमला नगर से महंगा है।
जबकि कमला नगर बी ब्लॉक मैन रोड सेंट्रल बैंक से पानी की टंकी वाले रोड तक की सर्किल दर 75 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। कमला नगर का सबसे महंगा क्षेत्र मैन रोड श्रीराम वाटिका के सामने से एफ ब्लॉक कृष्णा टावर तक पानी की टंकी वाला रोड है।
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यहां इस बार भी 77 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की सर्किल रेट है। वहीं, एमजी रोड पर भगवान टाकीज चौराहा से हरीपर्वत चौराहा तक एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट है। हरीपर्वत से नालबंद चौराहा तक 83 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
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हनुमान मंदिर खंदारी चौराहा से होम साइंस इंस्टीट्यूट तक की सर्किल रेट पिछली बार की तरह से इस बार भी 82 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर ही है। यहां के फ्रेंड्स अशियाना, फ्रेंड्स पैराडाईज, खंदारी, लाजपत कुंज, निर्मल आशियाना, रायल निर्मल अपार्टमेंट, शांति मॉल, कुंवर कालोनी, नगला जवाहर क्षेत्र में प्रोपर्टी खरीदना कमला नगर से महंगा है।
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जबकि कमला नगर बी ब्लॉक मैन रोड सेंट्रल बैंक से पानी की टंकी वाले रोड तक की सर्किल दर 75 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। कमला नगर का सबसे महंगा क्षेत्र मैन रोड श्रीराम वाटिका के सामने से एफ ब्लॉक कृष्णा टावर तक पानी की टंकी वाला रोड है।
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यहां इस बार भी 77 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की सर्किल रेट है। वहीं, एमजी रोड पर भगवान टाकीज चौराहा से हरीपर्वत चौराहा तक एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट है। हरीपर्वत से नालबंद चौराहा तक 83 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
यहां प्रति वर्गमीटर देना होगा इतना रुपया
Money
जगह नई दरें
कलेक्ट्रेट से रूई की मंडी चौराहा 35000भोगीपुरा से पृथ्वीनाथ फाटक 30000
पृथ्वीनाथ फाटक से वायु विहार 22000
बोदला चौराहा से सिकंदरा चौराहा 42000
कोठी मीना बाजार से हनुमान नगर चौराहा 39000
राम नगर तिराहे से अवधपुरी चौराहा 26000
पश्चिमपुरी चौराहा से शास्त्रीपुरम तक 38000
कमला नगर बी ब्लॉक मैन रोड सेंट्रल बैंक से पानी टंकी वाला रोड 75000
कमला नगर मैन रोड श्रीराम वाटिका से एफ ब्लॉक कृष्णा टावर तक 77000
कमला नगर डी ब्लॉक मैन रोड अंजुमन बार से पानी की टंकी वाले रोड 72000
सुभाष नगर तिराहा से कर्मचारी फुब्बारा तक 30000
हनुमान मंदिर खंदारी चौराहा से होम साइंस इंस्टीट्यूट 82000
केंद्रीय हिंदी संस्थान से नगला बूढ़ी गांव तक 21000
सुल्तानगंज पुलिया से सूर्या अपार्टमेंट होता हुआ पालीवाल पार्क 52000
संजय प्लेस में आजाद फिलिंग स्टेशन से यश बैंक तक 72000
हरीपर्वत चौराहा से नालबंद चौराहा तक 83000
दो साल में ये आए उतार-चढ़ाव
दो साल बाद नई सर्किल रेट लागू हो पाई हैं। इससे पहले वर्ष 2015 में सर्किल रेट जारी किए गए थे। प्रस्तावित नई सर्किल दरों पर 131 आपत्तियां आई थीं। इन सभी का निस्तारण करने के बाद ही नई रेट लिस्ट जारी की गई।
सर्किल रेट तय करने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एआईजी स्टांप और संबंधित क्षेत्र के सब रजिस्टार और तहसीलदा की टीम ने क्षेत्र का सर्वे कर नई दरें प्रस्तावित की थीं। इन पर कई महीने तक मंथन चला। इसके बाद एक फिर से सर्वे कराया गया।
इसमें पता चला कि प्रोपर्टी का मार्केट का ठप लेकिन प्रोपर्टी की कीमतों में किसी तरह की कोई गिरावट नहीं है। इसलिए प्रस्तावित दरों पर ही एक बार फिर से चर्चा हुई। आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिलाधिकारी के समक्ष इन्हें रखा गया। जिस पर 31 जुलाई की रात को उन्होंने अपनी मुहर लगा दी।
सर्किल रेट तय करने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एआईजी स्टांप और संबंधित क्षेत्र के सब रजिस्टार और तहसीलदा की टीम ने क्षेत्र का सर्वे कर नई दरें प्रस्तावित की थीं। इन पर कई महीने तक मंथन चला। इसके बाद एक फिर से सर्वे कराया गया।
इसमें पता चला कि प्रोपर्टी का मार्केट का ठप लेकिन प्रोपर्टी की कीमतों में किसी तरह की कोई गिरावट नहीं है। इसलिए प्रस्तावित दरों पर ही एक बार फिर से चर्चा हुई। आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिलाधिकारी के समक्ष इन्हें रखा गया। जिस पर 31 जुलाई की रात को उन्होंने अपनी मुहर लगा दी।