राज्यसभा चुनाव: आगरा से पहली बार दो राज्यसभा सांसद करेंगे नुमाइंदगी, भाजपा से नवीन जैन तो सपा से रामजीलाल जीते
राज्यसभा चुनाव में आगरा से पहली बार दो सांसद राज्यसभा में नुमाइंदगी करेंगे। भाजपा से नवीन जैन तो सपा से रामजीलाल चुने गए हैं। परिणाम आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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राज्यसभा चुनाव में आगरा से दो सांसद चुने गए हैं। इनमें एक भाजपा से पूर्व मेयर नवीन जैन 38 वोट पाकर और समाजवादी पार्टी से रामजीलाल सुमन 40 वोट पाकर राज्यसभा पहुंच गए। यह पहला मौका है जब आगरा से उच्च सदन राज्यसभा में दो सांसद चुने गए हैं। लोकसभा में आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से दो सांसद मिलाकर अब यहां कुल चार सांसद हो जाएंगे, जिनमें से तीन भाजपा के और एक विपक्षी दल समाजवादी पार्टी से हैं। रात में राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के बाद नवीन जैन और रामजीलाल सुमन के समर्थकों ने ढोल नगाड़ों के साथ नाच गाकर जश्न मनाया।
सात वर्ष बाद आगरा में विपक्षी जनप्रतिनिधि
वर्ष 2017 के बाद आगरा से कोई विपक्षी जनप्रतिनिधि चुना गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पूरी 9 विधानसभा सीटें भाजपा ने जीती, वहीं वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा से भाजपा सांसद ही जीते। फिर वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव में सभी 9 सीटें भाजपा ने जीतीं। इन सात सालों के दौरान विधायक और सांसद किसी विपक्षी दल का नहीं चुना जा सका।
मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष भी भाजपा के ही रहे। ऐसे में रामजीलाल सुमन के रूप में विपक्ष को मजबूत आवाज मिली है। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान जेल गए रामजीलाल सुमन 1977 में जनता पार्टी के टिकट से सबसे कम उम्र 27 वर्ष में सांसद बने। वर्ष 1989 में वह सांसद चुने गए और चंद्रशेखर सरकार में श्रम एवं कल्याण राज्यमंत्री बनाए गए। वर्ष 1999 और 2004 में वह सपा से लोकसभा के सांसद रहे। वर्ष 1996 से वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पर लगातार काम कर रहे हैं।
पार्षद से राज्यसभा सांसद तक का सफर
पूर्व मेयर नवीन जैन ने पार्षद से राज्यसभा सांसद तक का सफर तय किया है। मंगलवार को वह राज्यसभा सांसद के रूप में चुने गए। वर्ष 1989 में वह पहली बार पार्षद चुने गए, उससे पहले वह बूथ अध्यक्ष के तौर पर भाजपा संगठन में काम कर रहे थे। 1994 में दोबारा पार्षद बने और 1997 में डिप्टी मेयर चुने गए।