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जाते-जाते घर का ‘दीपक’ बुझा गया पुराना साल: मां ने रखा था बेटे की सलामती का व्रत, मौत की खबर सुन फट गया कलेजा
Mon, 02 Jan 2023 03:40 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Jan 2023 03:40 PM IST
सार
आगरा के इंजीनियर दीपक मखीजा की पुडुचेरी में हादसे में मौत हो गई। वह दोस्तों के साथ नए साल का जश्न मनाने गए थे। अचानक समुद्र की लहरों के बीच वह फंस गए और डूबने से उनकी मौत हो गई।
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दीपक मखीजा की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
"बेटा दीपक मखीजा पढ़ाई में अव्वल था। कम उम्र में ही बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी पा ली थी। 31 दिसंबर, 2021 को उसने अपनी पहली नौकरी की खबर दी तो परिवार खुशी में डूब गया था। इसके एक साल बाद 31 दिसंबर, 2022 को मौत की खबर ने परिवार को जीवन भर का गम दे दिया।"
यह कहते हुए मां सीमा फफक पड़ीं। लोगों ने उनको संभाला। पिता किसी तरह खुद को संभाले हुए थे। ढांढस बंधा रहे लोग बोल रहे थे कि जाते-जाते घर के दीपक को बुझा गया पुराना साल।
आवास विकास कॉलोनी, सेक्टर-4 निवासी तुलसीराम मखीजा का संयुक्त परिवार है। उनसे बड़े भाई नानकराम और छोटे किशनलाल हैं। राजामंडी रेलवे स्टेशन मार्ग पर उनका ढाबा है। तुलसीराम के 3 बेटों में दीपक बड़े थे। छोटे विक्की और जय पढ़ाई कर रहे हैं। मां सीमा के मुताबिक, बेटे दीपक ने कोटा से इंजीनियरिंग की तैयारी की थी। जालंधर के कॉलेज से बीटेक किया। उसकी नौकरी 31 दिसंबर, 2021 को लगी थी। बेटे ने सबसे पहले उन्हें ही नौकरी के बारे में बताया। बेंगलुरु में नौकरी लगने के बाद दीपक एक ही बार घर आया था। रोजाना उनसे फोन पर बात जरूर करता था।
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यह कहते हुए मां सीमा फफक पड़ीं। लोगों ने उनको संभाला। पिता किसी तरह खुद को संभाले हुए थे। ढांढस बंधा रहे लोग बोल रहे थे कि जाते-जाते घर के दीपक को बुझा गया पुराना साल।
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आवास विकास कॉलोनी, सेक्टर-4 निवासी तुलसीराम मखीजा का संयुक्त परिवार है। उनसे बड़े भाई नानकराम और छोटे किशनलाल हैं। राजामंडी रेलवे स्टेशन मार्ग पर उनका ढाबा है। तुलसीराम के 3 बेटों में दीपक बड़े थे। छोटे विक्की और जय पढ़ाई कर रहे हैं। मां सीमा के मुताबिक, बेटे दीपक ने कोटा से इंजीनियरिंग की तैयारी की थी। जालंधर के कॉलेज से बीटेक किया। उसकी नौकरी 31 दिसंबर, 2021 को लगी थी। बेटे ने सबसे पहले उन्हें ही नौकरी के बारे में बताया। बेंगलुरु में नौकरी लगने के बाद दीपक एक ही बार घर आया था। रोजाना उनसे फोन पर बात जरूर करता था।
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दोस्तों के साथ बाइकों पर निकला था
नए साल का जश्न मनाने के लिए 31 दिसंबर, 2022 को वह अपने 6 दोस्तों के साथ बाइकों पर निकला था। तब भी उनको फोन करके जानकारी दी थी। बताया था कि वह पुुडुचेरी पहुंच गया है। अब समुद्र किनारे जा रहा है। शाम को 5 बजे दोस्तों ने फोन करके परिवार को हादसे के बारे में बताया। पुडुचेरी से शव लेने के लिए परिजन पहुंच गए हैं। उनके आगरा आने का इंतजार किया जा रहा है। घर पर रिश्तेदार रविवार सुबह से ही पहुंचने लगे थे।
समुद्र में डूबते दीपक की फोटो
- फोटो : अमर उजाला