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यूपी के इस जिले में बीमारियों का कहर, पिछले चार माह में 110 मरीजों की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Thu, 01 Nov 2018 06:49 PM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप खत्म नहीं हो रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल में तीन और मरीजों की बुखार, डायरिया और सांस की दिक्कत के चलते मौत हो गई। पिछले चार माह में जिले में 110 मरीजों की मौत हो चुकी है।
किशनी क्षेत्र के गांव रविदासपुर निवासी रामनिवासी की तीन साल की पुत्री सृष्टि बुखार से पीड़ित थी। उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। गुरुवार को उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कुरावली क्षेत्र के गांव सुजरई निवासी दिवारीलाल की 50 वर्षीय पत्नी तारावती को पिछले दो दिनों से सांस की दिक्कत थी। परिजनों ने उन्हें बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को तारावती की मौत हो गई।
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किशनी क्षेत्र के गांव रविदासपुर निवासी रामनिवासी की तीन साल की पुत्री सृष्टि बुखार से पीड़ित थी। उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। गुरुवार को उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कुरावली क्षेत्र के गांव सुजरई निवासी दिवारीलाल की 50 वर्षीय पत्नी तारावती को पिछले दो दिनों से सांस की दिक्कत थी। परिजनों ने उन्हें बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को तारावती की मौत हो गई।
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इन बीमारियों का बने शिकार
थाना भोगांव क्षेत्र के आलीपुरखेड़ा निवासी हजारीलाल की पांच वर्षीय पुत्री सोनिया को कुछ दिन पहले डायरिया की शिकायत हो गई। शरीर में अत्यधिक खून की कमी के कारण सोनिया को परिजनों ने बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां देर रात उसकी मौत हो गई।
फिजीशियन डॉ. जेजे राम ने बताया कि सोनिया की मौत सीवर एनीमिया से हुई है, जबकि तारावती की मौत सांस में दिक्कत के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि सृष्टि को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था उसे परिजन मृत अवस्था में ही लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि लोग समय से उपचार लेने में लापरवाही कर रहे हैं। इस कारण लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि जरा भी दिक्कत हो तो तुरंत विशेष डॉक्टर से उपचार लें। उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न करें।
सर्दी में रखें बचाव
बाल रोग विशेषज्ञ एवं सीएमएस डॉ. एके सागर का कहना है कि सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जरूरत है। सर्दी में बच्चे एनीमिया और निमोनिया के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं। सुबह-शाम गर्म पकड़े पहनाएं। रात के समय खुले में न लिटाएं।
फिजीशियन डॉ. जेजे राम ने बताया कि सोनिया की मौत सीवर एनीमिया से हुई है, जबकि तारावती की मौत सांस में दिक्कत के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि सृष्टि को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था उसे परिजन मृत अवस्था में ही लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि लोग समय से उपचार लेने में लापरवाही कर रहे हैं। इस कारण लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि जरा भी दिक्कत हो तो तुरंत विशेष डॉक्टर से उपचार लें। उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न करें।
सर्दी में रखें बचाव
बाल रोग विशेषज्ञ एवं सीएमएस डॉ. एके सागर का कहना है कि सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जरूरत है। सर्दी में बच्चे एनीमिया और निमोनिया के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं। सुबह-शाम गर्म पकड़े पहनाएं। रात के समय खुले में न लिटाएं।