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ब्रज संस्कृति का ज्ञान लेंगे श्रद्धालुः अरुण गोयल
Sun, 16 Jun 2019 07:18 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 16 Jun 2019 07:18 PM IST
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वृंदावन शोध संस्थान में पाण्डुलिपि का अवलोकन करते केंद्रीय संस्कृति सचिव अरुण गोयल
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव अरुण गोयल ने कहा कि वृंदावन शोध संस्थान का सिर्फ शोध कार्य करने वाले कुछ ही लोग लाभ ले पा रहे हैं। आम जनमानस का जुड़ाव इस संस्थान से नहीं है। जबकि आमजन को जोड़ने के लिए कार्य योजना बनाने की जरूरत है।
संस्थान के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऑडीटोरियम, हस्तलिखित ग्रंथों, ब्रज संस्कृति संग्रहालय का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वृंदावन के मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिरों के पट बंद हो जाने के दौरान संस्थान में वह ब्रज संस्कृति का ज्ञान ले सकते हैं।
संस्थान का बाहरी स्वरूप आकर्षक होना चाहिए। ब्रज संस्कृति को लेकर उच्च स्तरीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म बननी चाहिए। जिसे यहां समय-समय पर प्रदर्शित किया जाए।
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संस्थान के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऑडीटोरियम, हस्तलिखित ग्रंथों, ब्रज संस्कृति संग्रहालय का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वृंदावन के मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिरों के पट बंद हो जाने के दौरान संस्थान में वह ब्रज संस्कृति का ज्ञान ले सकते हैं।
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संस्थान का बाहरी स्वरूप आकर्षक होना चाहिए। ब्रज संस्कृति को लेकर उच्च स्तरीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म बननी चाहिए। जिसे यहां समय-समय पर प्रदर्शित किया जाए।
उन्होंने यहां ब्रज संस्कृति विश्वकोश एवं पांडुलिपि व ग्रंथों का विमोचन किया। इस अवसर संस्थान के निदेशक सतीशचंद्र दीक्षित, नगर निगम के भाजपा पार्षद दल के नेता राधकृष्ण पाठक, पं. उदयन शर्मा, पवन शर्मा प्रगति शर्मा, डॉ. ब्रजभूषण चतुर्वेदी, राजेश शर्मा, करुणेश उपाध्याय, ममता कुमारी, सुकुमार गोस्वामी, रजत शुक्ला, श्रीकृष्ण गौतम, उमाशंकर पुरोहित, करवेंद्र सिंह, सुशीला गुप्ता आदि उपस्थित थे।