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आगरा डकैती कांड: हिस्ट्रीशीट लाला के बारे में लगा अहम सुराग, टैक्सी से इस शहर के लिए भागा एक लाख का इनामी बदमाश
Sun, 25 Jul 2021 11:59 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 25 Jul 2021 11:59 AM IST
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आगरा डकैती कांड का आरोपी लाला
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के कमला नगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में डकैती डालने के बाद हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र उर्फ लाला ऑटो से फिरोजाबाद पहुंचा था। यहां से टैक्सी से दिल्ली भाग गया था। इसकी जानकारी पुलिस को मिली है। इस पर एक टीम को दिल्ली भेजा गया है। उसके परिचित और रिश्तेदारों के बारे में भी पता किया जा रहा है। वहीं उसके दो साथी भी हाथ नहीं आ सके हैं। 17 जुलाई को मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में डकैती पड़ी थी।
सात बदमाश 16 किलोग्राम सोना और छह लाख रुपये लूटकर ले गए थे। पुलिस ने दो बदमाश निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वहीं तीसरा बदमाश प्रभात शर्मा थाने पहुंच गया था। चौथा बदमाश संतोष जाटव शुक्रवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार हो गया था। गैंग का सरगना एक लाख का इनामी नरेंद्र उर्फ लाला अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में छह टीम लगी हैं। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि लाला डकैती डालने के लिए अपने साथियों के साथ बस से आया था। वारदात के बाद ऑटो से भागा था।
एत्मादपुर में एक स्थान पर सारे बदमाश इकट्ठा हुए थे। अपना हिस्सा लेने के बाद चले गए थे। लाला फिरोजाबाद चला गया था। कुछ देर रुकने के बाद उसने एक टैक्सी बुक की। इसके बाद दिल्ली चला गया। इसकी जानकारी मिलने पर एक टीम दिल्ली गई है। लाला के दो साथी अंशुल और अविनाश भी हाथ नहीं आ सके हैं। वह कहां हैं? यह पुलिस को भी पता नहीं चल पा रहा है।
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सात बदमाश 16 किलोग्राम सोना और छह लाख रुपये लूटकर ले गए थे। पुलिस ने दो बदमाश निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वहीं तीसरा बदमाश प्रभात शर्मा थाने पहुंच गया था। चौथा बदमाश संतोष जाटव शुक्रवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार हो गया था। गैंग का सरगना एक लाख का इनामी नरेंद्र उर्फ लाला अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में छह टीम लगी हैं। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि लाला डकैती डालने के लिए अपने साथियों के साथ बस से आया था। वारदात के बाद ऑटो से भागा था।
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बदन सिंह तोमर
- फोटो : अमर उजाला
घरवालों को दी सूचना, फिर भी बदन सिंह का शव लेने आया कोई
डाक्टर उमाकांत गुप्ता का अपहरण 13 जुलाई को किया गया था। पुलिस ने उन्हें 31 घंटे बाद मुक्त करा लिया था। इस मामले में आरोपी महिला संध्या और पवन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद एक आरोपी भोला ने थाने में समर्पण कर दिया था। मुख्य सरगना बदन सिंह और उसका साथी अक्षय जगनेर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। पुलिस ने बदन सिंह और अक्षय के शवों का पोस्टमार्टम करा दिया। बृहस्पतिवार रात को अक्षय का शव परिजन ले गए। मगर, बदन सिंह का शव लेने कोई नहीं आया है। पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों को सूचना दे दी है। इसके बावजूद गांव से कोई परिजन शव लेने नहीं आया है। 72 घंटे बाद भी अगर कोई नहीं आया तो पुलिस की ओर से अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
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