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'दरिंदगी' की सजा: दुष्कर्म के बाद चार वर्षीय बच्ची की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

Wed, 18 Aug 2021 12:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 18 Aug 2021 12:12 AM IST
सार

जज ने दोषी को सजा सुनाते हुए टिप्पणी की है कि ऐसे अभियुक्त को समाज में खुला नहीं छोड़ा जा सकता है।

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Man gets life imprisonment for misdeeds and murder of 4-year-old girl in agra
दुष्कर्मी रमेश उर्फ लंबू कबाड़िया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कुलदीप ने थाना शाहगंज क्षेत्र में चार साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के केस में आरोपी रमेश उर्फ लंबू कबाड़िया को दोषी पाया। कोर्ट ने मंगलवार को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 1.30 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक बच्ची के पिता को अदा करने के आदेश किए गए हैं।

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29 अगस्त 2016 को शाहगंज क्षेत्र की रहने वाली बालिका मोहल्ले में भंडारे में गई थी। मगर, अचानक लापता हो गई। दूसरे दिन उसकी लाश रेलवे फाटक के पास तालाब में पड़ी मिली थी। पिता ने तहरीर दी। इसमें कहा कि उनकी बेटी दीवार फांदकर नहीं जा सकती है। उन्होंने रमेश उर्फ लंबू कबाड़िया पर शक जताया। कहा कि उसने ही घटना की है।
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पीड़ित पिता ने कहा था कि बेटी भंडारा खाने गई थी। प्रसाद खाकर साथी बच्चे घर आ गए। मगर, बेटी नहीं लौटकर आई। इस पर उसकी तलाश की। साथ के बच्चों ने बताया कि रमेश बेटी को प्रसाद खिला रहा था। 

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एडीजीसी सुभाष गिरि ने कोर्ट में दस गवाह और सुबूत पेश करते हुए अभियुक्त के अपराध को जघन्य और समाज के लिए कलंकित बताते हुए फांसी की सजा की दलील दी। पुलिस पैरोकार गजेंद्र गौतम ने गवाह और साक्ष्य पेश कर सराहनीय कार्य किया। 

बच्चे देश का भविष्य, अभियुक्त को समाज में खुला नहीं छोड़ सकते : कोर्ट 
कोर्ट ने अपने निर्णय में टिप्पणी की है कि इतनी छोटी बच्ची, जो लिंग भेद भी नहीं जानती और निश्चल भाव से किसी की भी गोद में चली जाती है। मृतका अबोध बच्ची थी, उसे अभी पूरा जीवन जीना था। 

यह कल्पना भी नहीं की जा सकती कि बच्ची को अभियुक्त ने दुष्कर्म के बाद जब मारने के लिए उल्टा लटकाकर पानी में डुबोया होगा, तब बच्ची पर क्या बीती होगी। बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। ऐसे अभियुक्त को समाज में खुला नहीं छोड़ा जा सकता है।

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