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इस वर्ष शिव-सिद्ध योग में मनेगा महाशिवरात्रि का पर्व, ऐसे करें भगवान भोले की आराधना

Sat, 20 Feb 2021 06:02 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 20 Feb 2021 06:02 PM IST
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Mahashivratri 2021 Shubh Yogas and Puja Vidhi
मनकामेश्वर मंदिर, आगरा - फोटो : अमर उजाला

इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च गुरुवार को है। इस दिन विशेष योग बन रहे हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व शिव और सिद्ध योग में मनेगा। शनि प्रधान राशि में छह ग्रह रहेंगे। स्वराशि का शनि, पंचमहा पुरुष का शश नामक राजयोग और गजकेसरी व अमृत योग इस पर्व को खास बना रहे हैं।

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ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि 11 मार्च गुरुवार को त्रयोदशी तिथि दोपहर 2.39 बजे तक है, बाद में चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी जो दूसरे दिन दोपहर 3 बजकर 02 मिनट तक रहेगी। इसलिए महाशिवरात्रि का पर्व त्रयोदशी और चतुर्दशी के शुभ संयोग में मनेगा। 
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ज्योतिषाचार्य के अनुसार प्रातः 6.19 बजे से दोपहर 2.40 बजे तक अमृत योग रहेंगे, साथ ही शनि की मकर व कुंभ राशि में विराजमान सात ग्रह कई योग निर्मित कर कृपा बरसाएंगे। शिव और सिद्ध योग में कई आध्यात्मिक शक्तियां जागृत होंगी, जो देश-दुनिया का कल्याण करेंगी। शिवरात्रि के देवता स्वयं भगवान शिव है। शिव योग सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाला है।  

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ऐसे करें भगवान शिव की पूजा 

Mahashivratri 2021 Shubh Yogas and Puja Vidhi
ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि भगवान शिव को जलधारा विशेष प्रिय है। महाशिवरात्रि के विशेष ज्योतिषीय संयोग में शिवलिंग का दूध, दही, शहद, शक्कर व गाय के घी से पंचामृत अभिषेक करने से वंश की वृद्धि होती है। शिव पूजन में जलधारा, पंचामृत अभिषेक के साथ केसर युक्त चंदन, बेलपत्र, धतूरा, अर्क पुष्प,विजया, सूखा मेवा का भोग शिव को लगाएं। 

मध्यरात्रि में महानिशीथ काल में ऊं नमः शिवाय इस पंचाक्षरी मंत्र और मृत संजीवनी महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। त्रयोदशी चतुर्दशी के संयोग के साथ ही शिव और सिद्ध योग के दुर्लभ संयोग में उपवास और जागरण के साथ चारों प्रहर शिव की विविध पूजा का विशेष महत्व है। 
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