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चंद्र ग्रहण: सूतक काल से मोक्ष तक बंद रहे मंदिरों के कपाट
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बटेश्वर में ग्रहण के समय बंद मुख्य महादेव मंदिर और बाहर से पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
बटेश्वर। होली की पूर्णमासी पर वर्ष के पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण पर सूतक काल से मोक्ष तक 101 मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण काल में साधु संतों ने भजन गाकर भगवान शिव की आराधना की। श्रद्धालुओं ने उपवास भी रखे। चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद भी भोजन ग्रहण किया।
प्रातः 4 बजे प्रथम पूजा अर्चना आरती के बाद ब्रह्मलाल महादेव मंदिर समेत सभी साै मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। मंदिरों में सन्नाटा पसरा रहा। शाम 7 बजे के बाद मंदिरों के साथ ही घरों में साफ सफाई व स्नान के बाद धार्मिक आयोजन किए गए। देवी देवताओं की पूजा अर्चना की गई।
इंसेट
श्रद्धालुओं ने चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद की पूजा-अर्चना
फतेहपुर सीकरी। मंगलवार सुबह भोर में भगवान के श्री विग्रहों को स्नान करने के बाद आरती करके सुबह 6:20 से मंदिर देवालयों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्राम गुड़ की मंडी में हाईवे किनारे स्थित अति प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर, श्री परमहंस आश्रम तेहरा दरवाजा पर हनुमान शिव मंदिर, कस्बा में जय श्री राम मंदिर, बड़े हनुमान जी, संतोष नगर में छोटी बड़ी हनुमान बगीची स्थित मंदिरों, द्वारकाधीश मंदिर, सामरा में ताल वाले बाबा का मंदिर, नगला जग्गी मोनी बाबा आश्रम मंदिर एवं अन्य देवालयों के कपाट बंद रहे। भक्तों ने ग्रहण के दौरान भजन कीर्तन किये। सूतक काल के पश्चात शाम 7 बजे मंदिरों की साफ-सफाई कर संध्या पूजा की गयी।
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प्रातः 4 बजे प्रथम पूजा अर्चना आरती के बाद ब्रह्मलाल महादेव मंदिर समेत सभी साै मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। मंदिरों में सन्नाटा पसरा रहा। शाम 7 बजे के बाद मंदिरों के साथ ही घरों में साफ सफाई व स्नान के बाद धार्मिक आयोजन किए गए। देवी देवताओं की पूजा अर्चना की गई।
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श्रद्धालुओं ने चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद की पूजा-अर्चना
फतेहपुर सीकरी। मंगलवार सुबह भोर में भगवान के श्री विग्रहों को स्नान करने के बाद आरती करके सुबह 6:20 से मंदिर देवालयों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्राम गुड़ की मंडी में हाईवे किनारे स्थित अति प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर, श्री परमहंस आश्रम तेहरा दरवाजा पर हनुमान शिव मंदिर, कस्बा में जय श्री राम मंदिर, बड़े हनुमान जी, संतोष नगर में छोटी बड़ी हनुमान बगीची स्थित मंदिरों, द्वारकाधीश मंदिर, सामरा में ताल वाले बाबा का मंदिर, नगला जग्गी मोनी बाबा आश्रम मंदिर एवं अन्य देवालयों के कपाट बंद रहे। भक्तों ने ग्रहण के दौरान भजन कीर्तन किये। सूतक काल के पश्चात शाम 7 बजे मंदिरों की साफ-सफाई कर संध्या पूजा की गयी।

बटेश्वर में ग्रहण के समय बंद मुख्य महादेव मंदिर और बाहर से पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
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