फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   lockdown updates: sixty jamaati have been quarantine for 44 days in agra

अमर उजाला पड़ताल: दो जांच रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी 44 दिन से क्वारंटीन हैं 60 जमाती

Fri, 15 May 2020 10:42 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 15 May 2020 10:42 AM IST
सार

  • सिकंदरा के स्कूल में 31 मार्च से क्वारंटीन हैं जमात से जुड़े 60 लोग
  • कोविड-19 जांच रिपोर्ट निगेटिव, जमाती बोले- आखिर हमें कब घर भेजेंगे

विज्ञापन
lockdown updates: sixty jamaati have been quarantine for 44 days in agra
जमाती (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

44 दिन हो गए हैं, कोरोना वायरस की जांच दो बार हो चुकी, दोनों बार रिपोर्ट निगेटिव आई, इसके बावजूद हमें घर क्यों नहीं भेजा जा रहा है? प्रशासन से यह सवाल है आगरा के सिकंदरा के एक स्कूल में 31 मार्च से क्वारंटीन किए गए लोगों का। इनका कहना है कि क्वारंटीन की कुछ तो मियाद होती होगी। सभी लोग घर जाने के लिए परेशान हैं। इन्हें छोड़ने के लिए कई लोग मांग उठा चुके हैं। 
विज्ञापन


मार्च के आखिर में जब दिल्ली मरकज के निकले जमातियों की तलाश चली, तब इन्हें पुलिस ने ढूंढा था। इसके बाद क्वारंटीन कर दिया। ये लोग जमात से आए थे। इन्हें सिकंदरा के एक स्कूल में क्वारंटीन कर दिया गया। उसी समय क्वारंटीन किए गए अन्य लोगों को छोड़ा जा चुका है। सिकंदरा के स्कूल से भी इन 60 को छोड़कर अन्य लोगों को छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन



इन जगहों के हैं जमाती

ये जमाती अलीगढ़, शामली, गाजीपुर, मेवात (हरियाणा), दिल्ली, नागपुर (महाराष्ट्र) और आंध्र प्रदेश के हैं। पहले इन्हें दो जगह स्कूल और रिसॉर्ट में रखा गया था। बाद में रिसॉर्ट में रखे गए लोग भी स्कूल में ले आए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका दायर की है: शब्बीर अब्बास

कांग्रेस नेता शब्बीर अब्बास का कहना है कि इन लोगों को क्वारंटीन सेंटर से छोड़े जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। सवाल यह किया गया है कि क्वारंटीन में लोगों को इतने समय तक क्यों रखा गया है? ये लोग घर जाने के लिए लगातार फरियाद कर रहे हैं। इनकी प्रशासन सुनवाई ही नहीं कर रहा।

प्रवासी मजदूरों को भेज रहे, हमें क्यों नहीं

स्कूल में क्वारंटीन किए गए लोगों का कहना है कि जब सरकार प्रवासी मजदूरों को घर भेज रही है, तो उन्हें यहां क्यों रोककर रखा है। वे भी अपने घर जाना चाहते हैं। उन्हें सिर्फ अनुमति दे दी जाए, वे जाने के लिए व्यवस्था भी खुद ही कर लेंगे।

65 साल की महिला बीमार है

गाजीपुर के 45 वर्षीय जमाती ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में 13 महिलाएं हैं। इनमें 60 और 65 साल की भी हैं। इन्हें उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की बीमारी है। ऐसे में इनका घर जाना बहुत जरूरी है।

जमात पर निकले थे, पांच महीने हो गए

शामली के 50 वर्षीय जमाती ने बताया कि इनमें से कई लोग तो ऐसे हैं जो तीन से चार महीने पहले जमात पर निकले। अब डेढ़ महीना हो गया। इस तरह पांच महीने तक हो गए हैं घर से दूर।

अफसरों से कहा, कोई सुनवाई नहीं

शामली के ही 35 वर्षीय जमाती ने बताया कि हमने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अफसरों से कहा कि रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, अब तो घर भेज दिया जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अफसर कहते हैं कि कुछ दिन और।

'ये तो बताएं कि रोका किसलिए है'

अलीगढ़ के 40 वर्षीय जमाती ने बताया कि ईद आ रही है, सब लोग त्योहार पर घर जाते हैं, परिवार के लोग फोन कर रहे हैं। आखिर अफसर ये तो बताएं कि हमें यहां रोका किसलिए है, क्वारंटीन का कोई तो समय होता होगा? कुछ लोग 14 दिन में घर भेज दिए, हमें 44 दिन में भी नहीं छोड़ा, आखिर ये फर्क क्यों?

पुलिस को लेना है फैसला

एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि सिकंदरा के स्कूल में रखे गए सभी लोग जमात से जुड़े हैं। इन्हें घर भेजने या यहीं रोके रखने का फैसला पुलिस को लेना है।

बाहर भेजने की अनुमति नहीं

थाना सिकंदरा के एसएचओ अरविंद कुमार ने बताया कि स्कूल में जितने भी स्थानीय लोग थे, सबको छोड़ा जा चुका है। अब जितने भी लोग बचे हैं, वे बाहर के हैं। इन्हें बाहर भेजे जाने की अनुमति नहीं है। जैसे ही अनुमति मिल जाएगी, वैसे ही इन्हें भेजा जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed