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Agra News: प्रसूता की मौत के बाद लाइफलाइन अस्पताल सील

Tue, 08 Jul 2025 11:53 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Tue, 08 Jul 2025 11:53 PM IST
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Lifeline hospital sealed after the death of pregnant woman
गंजडुंडवारा में   प्रसूता की मौत के बाद  निजी क्लीनिक को सील करते स्वास्थ्य की टीम ।
कासगंज। प्रसूता की मौत के बाद गंजडुंडवारा में सहावर रोड स्थित लाइफ लाइन अस्पताल को मंगलवार को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में पाया गया कि यह अस्पताल बिना पंजीकरण कराए ही संचालित किया जा रहा था। इसमें अनाधिकृत लैब भी मिली। एसडीएम पटियाली की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। गंजडुंडवारा स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में सोमवार को धवा गांव निवासी अरीबा (24 वर्ष) पत्नी फहीम अख्तर को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर दिनभर इलाज में लापरवाही बरतते रहे। शाम को ऑपरेशन से पहले प्रसूता को गलत इंजेक्शन लगा दिया। इससे उसकी हालत बिगड़ी गई। हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। परिजन प्रसूता को हायर सेंटर ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। अस्पताल में लगे शीशे और दरवाजे तोड़ दिए। सूचना पर थाना प्रभारी भोजराज अवस्थी भारी फोर्स भी मौके पर पहुंचे। हंगामा कर रहे परिजन को समझाकर शांत कराया। परिवार के लोगों ने प्रसूता के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और अस्पताल को सील करने की मांग की। सीएमओ राजीव अग्रवाल के आदेश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम लाइफ लाइन अस्पताल पहुंची। टीम के साथ एसडीएम पटियाली प्रदीप कुमार विमल, पंजीकरण एवं स्थापना के नोडल अधिकारी डाॅ. उत्कर्ष यादव और सीएचसी अधीक्षक डॉ. आकाश भी मौजूद रहे। डॉ. उत्कर्ष यादव ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि लाइफ लाइन अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत नहीं है। उसमें एक अनाधिकृत लैब का भी संचालन किया जा रहा है। मृतका अरीबा के उपचार संबंधी प्रपत्र एवं जांच रिपोर्ट अधूरे थे। पूर्व में पंजीकृत डॉक्टर और स्टाफ मौके पर नहीं था। डॉ. राजेश कुमार द्वारा स्वयं को ड्यूटी डॉक्टर बताकर यह जानकारी दी गई जो संतोषजनक नहीं थी। उन्हें नोटिस देकर उपचार संबंधी प्रपत्र तीन दिन में लेकर कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इसके बाद एसडीएम पटियाली की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
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