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सुरेश हत्याकांड में पांच भाइयों को उम्र कैद
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 23 Dec 2015 02:19 AM IST
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शमसाबाद के गांव नया बांस में आठ मई 2001 को युवक सुरेश की लाइसेंसी बंदूक से हत्या कर दिए जाने के पांच आरोपियों पर दोष सिद्ध पाया गया है। इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इनमें से चार सगे भाई हैं। पांचवां इनका चचेरा भाई है। इन्हें 80 हजार का अर्थदंड भी दिया गया है। एफआईआर छह के खिलाफ दर्ज कराई गई थी लेकिन एक आरोपी की मुकदमे के दौरान ही मृत्यु हो गई थी।
सुरेश के भाई रोतान सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें चार सगे भाई ओम प्रकाश, सोमवीर उर्फ पप्पू, पूरन सिंह और रामवीर के अलावा इनका चचेरे भाई राजेंद्र सिंह और परिवार का ही गुलाब सिंह नामजद कराए गए थे। इनमें गुलाब सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
सुरेश की हत्या आठ मई 2001 को हुई थी। उसने अपने ट्रैक्टर का कल्टीवेटर घर के सामने खड़ा कर रखा था। आरोपियों ने उससे हटाने के लिए कहा। उसके मना करने पर कल्टीवेटर को उठाकर ले गए और तालाब में फेंक दिया।
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सुरेश सिंह और उसके परिवारीजनों ने विरोध किया तो गोली चला दी। सुरेश को लाइसेंसी बंदूक और तमंचे से गोली मारी गई। उसे बचाने आए उसके छोटे भाई को बुरी तरह पीटा गया। सुरेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। यह केस स्पेशल जज ( दस्यु प्रभावी क्षेत्र) संतोष राय की कोर्ट में था। गवाही और साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने आरोपियों पर दोष सिद्ध पाया।
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सुरेश के भाई रोतान सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें चार सगे भाई ओम प्रकाश, सोमवीर उर्फ पप्पू, पूरन सिंह और रामवीर के अलावा इनका चचेरे भाई राजेंद्र सिंह और परिवार का ही गुलाब सिंह नामजद कराए गए थे। इनमें गुलाब सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
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सुरेश की हत्या आठ मई 2001 को हुई थी। उसने अपने ट्रैक्टर का कल्टीवेटर घर के सामने खड़ा कर रखा था। आरोपियों ने उससे हटाने के लिए कहा। उसके मना करने पर कल्टीवेटर को उठाकर ले गए और तालाब में फेंक दिया।
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सुरेश सिंह और उसके परिवारीजनों ने विरोध किया तो गोली चला दी। सुरेश को लाइसेंसी बंदूक और तमंचे से गोली मारी गई। उसे बचाने आए उसके छोटे भाई को बुरी तरह पीटा गया। सुरेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। यह केस स्पेशल जज ( दस्यु प्रभावी क्षेत्र) संतोष राय की कोर्ट में था। गवाही और साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने आरोपियों पर दोष सिद्ध पाया।