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12 साल बाद मिला इंसाफ, चार हत्यारे भाइयों समेत पांच को उम्रकैद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 17 May 2018 09:39 PM IST
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आगरा में अपर जिला जज शकील उर रहमान खान ने गुरुवार को थाना शमसाबाद के हत्या के मामले में चार भाइयों सहित पांच को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने पांचों दोषियों पर 112500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड राशि में से आधी धनराशि मृतक नवाब सिंह के वारिसान को अदा करने के भी आदेश दिए गए हैं।
घटना 24 अप्रैल 2007 की है। जारौली, शमसाबाद निवासी नूर मोहम्मद और हैदर अली ने गांव के नवाब सिंह से पांच लाख रुपये के आलू खरीदे थे। 15 दिन बाद रुपये देने का वादा किया। मगर, ऐसा नहीं किया।
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कोर्ट ने पांचों दोषियों पर 112500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड राशि में से आधी धनराशि मृतक नवाब सिंह के वारिसान को अदा करने के भी आदेश दिए गए हैं।
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घटना 24 अप्रैल 2007 की है। जारौली, शमसाबाद निवासी नूर मोहम्मद और हैदर अली ने गांव के नवाब सिंह से पांच लाख रुपये के आलू खरीदे थे। 15 दिन बाद रुपये देने का वादा किया। मगर, ऐसा नहीं किया।
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24 अप्रैल 2007 को हुई थी हत्या
नवाब सिंह ने रुपयों की मांग की। दोनों टालमटोल करते रहे। 24 अप्रैल 2007 को नवाब सिंह, उसका बेटा दानवीर सिंह और एक अन्य गढ़ी मंडा जा रहे थे। रास्ते में हैदर अली और नूर मोहम्मद मिल गए।
नवाब सिंह ने उनसे कई लोगों के सामने ही रुपये मांगे। इस पर वो धमकी देकर चले गए। रात को नवाब सिंह और उसके बेटे गांव लौट रहे थे। पहले से घात लगाकर बैठे अभियुक्तों ने हमला बोल दिया।
हैदर अली के भाई अल्ला नूर ने नवाब सिंह पर फावड़े से प्रहार किए। दानवीर ने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी पीटा। इलाज के दौरान नवाब सिंह की मौत हो गई। एडीजीसी शशि शर्मा ने कोर्ट में दस गवाह और सुबूत पेश किए।
अभियुक्तों के कृत्य को जघन्य अपराध बताते हुए उन्हें मृत्युदंड देने की कोर्ट से याचना की। कोर्ट ने अल्लानूर, सैलानी, हैदर अली, नूर मोहम्मद और अल्लानूर के बेटे जाफर अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
नवाब सिंह ने उनसे कई लोगों के सामने ही रुपये मांगे। इस पर वो धमकी देकर चले गए। रात को नवाब सिंह और उसके बेटे गांव लौट रहे थे। पहले से घात लगाकर बैठे अभियुक्तों ने हमला बोल दिया।
हैदर अली के भाई अल्ला नूर ने नवाब सिंह पर फावड़े से प्रहार किए। दानवीर ने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी पीटा। इलाज के दौरान नवाब सिंह की मौत हो गई। एडीजीसी शशि शर्मा ने कोर्ट में दस गवाह और सुबूत पेश किए।
अभियुक्तों के कृत्य को जघन्य अपराध बताते हुए उन्हें मृत्युदंड देने की कोर्ट से याचना की। कोर्ट ने अल्लानूर, सैलानी, हैदर अली, नूर मोहम्मद और अल्लानूर के बेटे जाफर अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।