फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Kisan Andolan Sanyukt Kisan Morcha warns Farmers protest again on Delhi border 

किसान आंदोलन: दिल्ली बॉर्डर पर फिर जुट सकते हैं किसान, संयुक्त किसान मोर्चा ने दी चेतावनी 

Thu, 24 Mar 2022 02:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 24 Mar 2022 02:31 PM IST
सार

केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी के आरोप में भारतीय किसान यूनियन एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ सकती है। इसे लेकर संगठन ने चेतावनी देते हुए कलक्ट्रेट में एसीएम पंचम विजय शर्मा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है।

विज्ञापन
Kisan Andolan Sanyukt Kisan Morcha warns Farmers protest again on Delhi border 
एसीएम पंचम विजय शर्मा को राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ वादाखिलाफी को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसीएम पंचम विजय शर्मा को ज्ञापन दिया गया। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां ने कहा संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा कर दिल्ली बॉर्डर से अपने मोर्चे उठा लिए थे, उसके बाद सरकार अपने वादों से मुकर ही नहीं गई, बल्कि किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।

विज्ञापन

   

मनाया गया था विश्वासघात दिवस 

उन्होंने बताया कि पूरे देश के किसानों ने पूर्व में 31 जनवरी 2022 को विश्वासघात दिवस भी मनाया था। उन्होंने कहा कि सरकार का वादा था कि आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएंगे, अब तक सिर्फ हरियाणा सरकार ने कुछ कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश सहित तमाम प्रदेशों में अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।  सरकार की वादाखिलाफी को लेकर दिल्ली बार्डर पर फिर से आंदोलन शुरू करना किसान संगठनों की मजबूरी होगी। 

विज्ञापन

  

...तो आंदोलन के अलावा नहीं कोई दूसरा रास्ता

भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष नत्थू सिंह धाकरे ने कहा अपने वादे पर रुकने के बजाय सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। लखीमपुर खीरी घटना में एसआईटी की रिपोर्ट में षड्यंत्र की बात स्वीकार तो कर ली गई, लेकिन प्रमुख षड्यंत्रकारी अजय मिश्र टेनी की मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी नहीं हो पाई है। तहसील अध्यक्ष श्रीकृष्ण वीर सिंह ने कहा कि अगर सरकार अपने आश्वासन पर अमल नहीं करती है तो किसानों के पास आंदोलन को दोबारा शुरू करने के सिवा और कोई रास्ता नहीं बचेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये रहे मौजूद 

 ज्ञापन देने वालों में नत्थू सिंह धाकरे, कृष्णवीर सिंह, उमेश यादव, प्रेम सिंह, आशा सचदेवा, हरेंद्र सिंह, मनोज सिंह तोमर, सुरेंद्र सिंह, कुंवर सेन सिंह आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed