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किशोरी के परिवार के लिए पंचायत का फरमान, 24 घंटे में गांव न छोड़ा तो ढहा देंगे मकान
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:37 PM IST
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पंचायत का फरमान
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आगरा में कागारौल क्षेत्र के गांव सोनिगा में एक किशोरी के परिवार को पंचायत ने गांव निकाला दे दिया है। साथ ही फरमान सुनाया कि अगर 24 घंटे में गांव नहीं छोड़ा तो मकान ढहा दिया जाएगा। इस परिवार की किशोरी को पड़ोस का युवक बहला फुसलाकर ले गया है।
आरोप है कि युवक पक्ष की गांव में चलती है, इसलिए पंचों ने उसके कहने पर यह तुगलकी फरमान सुनाया है। उधर गांव के लोगों का कहना है कि किशोरी और युवक का गोत्र एक ही होने के चलते यह फैसला लिया गया है। ग्राम प्रधान ने पंचायत की पुष्टि की है।
किशोरी के पिता ने बुधवार को एसएसपी आफिस में शिकायती पत्र दिया है। पत्र में बताया कि पंचायत मंगलवार को हुई । सोनिगा, बघा और बाह के ग्रामीणों ने इसमें शिरकत की। किशोरी के पिता का कहना है कि वह जाट समुदाय से हैं। उसकी बेटी के अपहरण का आरोपी भी इसी समुदाय का है।
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दोनों का गोत्र भी एक ही है, उसने गांव के प्रमुख लोगों के सामने यह बात रखी थी कि उसकी बेटी मिलनी चाहिए, लेकिन युवक के परिवार ने पंचों का फरमान अपने पक्ष में जारी करा लिया।
बकौल किशोरी के पिता उन्हें तो पंचायत के फैसले की जानकारी भी तब मिली, जब गांव के लोगों ने कहा कि अभी तक तुम गांव छोड़कर गए क्यों नहीं हो, तुम्हारे खिलाफ तो फरमान जारी हो चुका है।
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आरोप है कि युवक पक्ष की गांव में चलती है, इसलिए पंचों ने उसके कहने पर यह तुगलकी फरमान सुनाया है। उधर गांव के लोगों का कहना है कि किशोरी और युवक का गोत्र एक ही होने के चलते यह फैसला लिया गया है। ग्राम प्रधान ने पंचायत की पुष्टि की है।
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किशोरी के पिता ने बुधवार को एसएसपी आफिस में शिकायती पत्र दिया है। पत्र में बताया कि पंचायत मंगलवार को हुई । सोनिगा, बघा और बाह के ग्रामीणों ने इसमें शिरकत की। किशोरी के पिता का कहना है कि वह जाट समुदाय से हैं। उसकी बेटी के अपहरण का आरोपी भी इसी समुदाय का है।
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दोनों का गोत्र भी एक ही है, उसने गांव के प्रमुख लोगों के सामने यह बात रखी थी कि उसकी बेटी मिलनी चाहिए, लेकिन युवक के परिवार ने पंचों का फरमान अपने पक्ष में जारी करा लिया।
बकौल किशोरी के पिता उन्हें तो पंचायत के फैसले की जानकारी भी तब मिली, जब गांव के लोगों ने कहा कि अभी तक तुम गांव छोड़कर गए क्यों नहीं हो, तुम्हारे खिलाफ तो फरमान जारी हो चुका है।
ग्राम प्रधान ने कहा ये
सोनिगा के प्रधान सत्यपाल का कहना है कि वह पंचायत में मौजूद नहीं था, लेकिन पंचों के फरमान की जानकारी मिली है। पंचायत में किशोरी का परिवार नहीं आया था, जबकि युवक के परिवार के लोग फरार हैं।
उन्हें युवक और किशोरी दोनों के परिवार के बहिष्कार के फरमान की जानकारी मिली है। इस मामले में पहले भी पंचायत हो चुकी है। तब किशोरी और युवक के मिलने पर पाबंदी लगाई गई थी। पंचों के फैसले पर ही किशोरी को मामा के घर भेजा गया था।
मामले में एसपी पश्चिम अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि पंचायत की सूचना नहीं है। फिर भी जानकारी के लिए पुलिस को गांव में भेजा गया है। जरूरत होने पर किशोरी के परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
उन्हें युवक और किशोरी दोनों के परिवार के बहिष्कार के फरमान की जानकारी मिली है। इस मामले में पहले भी पंचायत हो चुकी है। तब किशोरी और युवक के मिलने पर पाबंदी लगाई गई थी। पंचों के फैसले पर ही किशोरी को मामा के घर भेजा गया था।
मामले में एसपी पश्चिम अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि पंचायत की सूचना नहीं है। फिर भी जानकारी के लिए पुलिस को गांव में भेजा गया है। जरूरत होने पर किशोरी के परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
यह था मामला
सोनिगा गांव की 17 साल की किशोरी को नौ जुलाई को उसके घर से 100 मीटर की दूरी पर रहने वाला एक युवक बहला-फुसलाकर ले गया। किशोरी के घरवालों ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
दो दिन बाद किशोरी किरावली क्षेत्र में मिल गई। इसके बाद 22 जुलाई को युवक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद युवक किशोरी को मामा के घर के पास से 12 अगस्त को फिर से ले गया। तब से उनका पता नहीं है।
दो दिन बाद किशोरी किरावली क्षेत्र में मिल गई। इसके बाद 22 जुलाई को युवक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद युवक किशोरी को मामा के घर के पास से 12 अगस्त को फिर से ले गया। तब से उनका पता नहीं है।