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खंडपीठ नहीं स्थापित हुई तो दोषी होंगे केंद्रीय राज्य मंत्री
खंडपीठ नहीं स्थापित हुई तो दोषी होंगे केंद्रीय राज्य मंत्री
Updated Mon, 21 Mar 2016 02:01 AM IST
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खंडपीठ नहीं स्थापित हुई तो दोषी होंगे केंद्रीय राज्य मंत्री
- फोटो : अमर उजाला आगरा
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यूपी उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना जनमंच ने रविवार को लोहामंडी में जनसभा की। इसके बाद जुलूस निकाला। इस दौरान एमजी रोड पर जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस से भी नोंकझोंक हुई। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे आगरा में हर हाल में खंडपीठ लेकर रहेंगे। इसके लिए फिर चाहें कुछ भी क्यों न करना पड़े।
अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन बार केंद्र सरकार को लिखा है। अब केंद्र सरकार को निर्णय लेना है। केंद्रीय राज्य मंत्री अब आगरा में खंडपीठ की लड़ाई के लिए अपना प्रोटोकाल क्यों नहीं तोड़ते हैं, जबकि एमजी रोड जाम कर आंदोलन कर चुके हैं। वह खंडपीठ के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि मेरठ में कई मंत्री पैरवी कर रहे हैं। अगर, किसी कारणवश खंडपीठ की स्थापना नहीं हो पाती है तो उसके लिए केंद्रीय मंत्री कठेरिया ही दोषी होंगे। सभा के बाद सभी जुलूस के रूप मेें एमजी रोड तक आए। इसके बाद जाम लगाकर हंगामा काटा। पुलिस ने उन्हेें रोकने का प्रयास किया तो तीखी नोंकझोंक हुई। अधिवक्ता एमजी रोड पर ही धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन बार केंद्र सरकार को लिखा है। अब केंद्र सरकार को निर्णय लेना है। केंद्रीय राज्य मंत्री अब आगरा में खंडपीठ की लड़ाई के लिए अपना प्रोटोकाल क्यों नहीं तोड़ते हैं, जबकि एमजी रोड जाम कर आंदोलन कर चुके हैं। वह खंडपीठ के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि मेरठ में कई मंत्री पैरवी कर रहे हैं। अगर, किसी कारणवश खंडपीठ की स्थापना नहीं हो पाती है तो उसके लिए केंद्रीय मंत्री कठेरिया ही दोषी होंगे। सभा के बाद सभी जुलूस के रूप मेें एमजी रोड तक आए। इसके बाद जाम लगाकर हंगामा काटा। पुलिस ने उन्हेें रोकने का प्रयास किया तो तीखी नोंकझोंक हुई। अधिवक्ता एमजी रोड पर ही धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
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