अपराजिता: नवरात्र पर आत्मनिर्भर बनेंगी 'नारी शक्ति', खजानी वूमेन इंस्टीट्यूट देगा प्रशिक्षण
- महिलाओं और युवतियों को सशक्त और सफल बनाने के लिए अमर उजाला के अभियान से जुड़कर खजानी वूमेन इंस्टीट्यूट विभिन्न उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण देगा।
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नवरात्र में महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मथुरा में अमर उजाला के अभियान अपराजिता से जुड़कर खजानी वूमेन इंस्टीट्यूट ने इस ओर कदम बढ़ाया है। मेहंदी, पोशाक, दीपावली आर्टिकल्स बनाने आदि विभिन्न विधाओं में महिला शक्ति को पारंगत किया जाएगा।
इंस्टीटयूट की निदेशक शिप्रा राठी ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए वह वर्षों से जुटी हैं। अब तक सैकड़ों महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। इस नवरात्र में अमर उजाला के अभियान अपराजिता से जुड़कर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिससे महिलाएं घर में रहकर आर्थिक मंदी की समस्या के समाधान के लिए अपने हुनर को तराशें और समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अपना सक्रिय आर्थिक योगदान दें। साथ ही चीन के विरुद्ध मिशन चलाते हुए स्वदेशी भारत की कल्पना को आगे बढ़ाते हुए इस दीपावली पर भारत में सामान तैयार करें।
इंस्टीट्यूट टीम की रेणु डे ने बताया कि वह महिलाओं को होममेड कोन बनाना सिखाएंगी। रूपा शर्मा ने बताया कि घर में बेहद कम कीमत पर खूबसूरत मोमबत्तियां और दीपक बनाकर बाजार में बिक्री कर सकती हैं। हर्षिता ने बताया कि 200 छात्राओं को 6 माह का सिलाई, कंप्यूटर और पार्लर का नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इनका ऑनलाइन मिलेगा प्रशिक्षण
मेहंदी और नेल आर्ट, दिवाली आर्टिकल्स, ठाकुर जी की पोशाक और एसेसरीज, प्रोडक्ट मार्केटिंग, जैल एंड वैक्स कैंडल, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, डांस एरोबिक्स एंड चॉकलेट मेकिंग।
इंस्टीटयूट की निदेशक शिप्रा राठी ने बताया कि नवरात्र पर महिलाओं के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। महिलाएं बहुत कम कीमत में विभिन्न प्रकार के आइटम बनाकर बेच सकती हैं। नवरात्र के मौके पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का हमारा प्रयास है।
खजानी वूमेन इंस्टीट्यूट ने लॉकडाउन के दौरान अपने सामाजिक कर्तव्य का पालन करते हुए महिलाओं से मास्क तैयार कराकर बांटे थे। जिन महिलाओं ने इस कार्य में सहभागिता की उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर शोभित माहेश्वरी, डॉ. हरिमोहन माहेश्वरी, आभा माहेश्वरी, मोहिनी, आयुशी मेहरोत्रा, सुजाता मोहर, नेहा गर्ग, हर्षिता मौजूद रहीं।