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कासगंजः फर्स्ट डिवीज़न पास हुए वोटर, जिले में इतने लोगों ने डाले वोट
टीम डिजिटल /अमर उजाला कासगंज
Updated Thu, 23 Nov 2017 08:56 AM IST
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मतदान
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज जिले में 10 निकायों के लिए संपन्न हुए मतदान में 65.9 मतदाताओं ने भागीदारी की। यहां तीन नगरपालिका परिषद और सात नगर पंचायतों के लिए वोट डाले गए।
जिले भर की नगरपालिका और नगर पंचायतों में 133 अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हैं, जबकि 690 सदस्य पद के प्रत्याशी हैं जो चुनावी समर में उतरे हुए हैं। 104 मतदान केंद्रों के 293 मतदेय स्थलों पर मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया।
1523 मतदान कर्मियों को मतदान की व्यवस्थाओं में लगाया गया था। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी मतदान केंद्रों पर तैनात किए गए। हालांकि सिढ़पुरा में पीठासीन अधिकारी से नोक-झोंक की बात सामने आई लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं देखने को मिली।
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जिले भर की नगरपालिका और नगर पंचायतों में 133 अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हैं, जबकि 690 सदस्य पद के प्रत्याशी हैं जो चुनावी समर में उतरे हुए हैं। 104 मतदान केंद्रों के 293 मतदेय स्थलों पर मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया।
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1523 मतदान कर्मियों को मतदान की व्यवस्थाओं में लगाया गया था। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी मतदान केंद्रों पर तैनात किए गए। हालांकि सिढ़पुरा में पीठासीन अधिकारी से नोक-झोंक की बात सामने आई लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं देखने को मिली।
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भरगैन में हुआ ये
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज जिले के भरगैन नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक में प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न आपस में बदल गए। पता चलते ही दोनों खेमों में हड़कंप मच गया। काफी संख्या में दोनों प्रत्याशियों के लोगों ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इस पर सभी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।
खास बात यह है कि इस वार्ड से मैदान में केवल दो ही प्रत्याशी हैं। ऐसे में इस वार्ड के चुनाव के रद्द होने की संभावना है। यह घटना कहीं न कहीं निर्वाचन आयोग की चुनाव को लेकर तैयारियों पर एक गंभीर सवाल है।
वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि ऐसा अधिकारियों ने जान-बूझकर किसी एक प्रत्याशी को जिताने के लिए साजिश की गई है। इस मामले में फिलहाल अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
खास बात यह है कि इस वार्ड से मैदान में केवल दो ही प्रत्याशी हैं। ऐसे में इस वार्ड के चुनाव के रद्द होने की संभावना है। यह घटना कहीं न कहीं निर्वाचन आयोग की चुनाव को लेकर तैयारियों पर एक गंभीर सवाल है।
वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि ऐसा अधिकारियों ने जान-बूझकर किसी एक प्रत्याशी को जिताने के लिए साजिश की गई है। इस मामले में फिलहाल अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।