{"_id":"5f8fdcad6c6ed21d633fe8b5","slug":"karwachauth-2020-anklets-business-hope-for-shine-over-100-crores","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगराः करवाचौथ पर खनकेगी 100 करोड़ की पायलें, चेननुमा की सबसे अधिक मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगराः करवाचौथ पर खनकेगी 100 करोड़ की पायलें, चेननुमा की सबसे अधिक मांग
Wed, 21 Oct 2020 12:32 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 21 Oct 2020 12:32 PM IST
सार
चांदी की पायल बनाने में आगरा का प्रमुख स्थान आता है। यहां की चेननुमा पायल का कोई तोड़ नहीं है। कीमत दो हजार रुपये तक होती है। इधर, त्योहार आते ही आगरा के करीब दो हजार कारखानों में काम जोरों से शुरू हो गया है। उप्र के अलावा बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ , गुजरात आदि राज्यों में आपूर्ति होने लगी है। लंबे समय बाद एक लाख से अधिक कारीगरों को ठीक से काम मिलना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
चांदी की पायल तैयार करता कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
करवाचौथ पर देशभर की सुहागिनों के पैरों में ताजनगरी की पायल को चमकाने की तैयारी हो रही है। पायल बनाने में देश की प्रमुख मंडियों में शुमार आगरा की मंडी से 100 करोड़ की आपूर्ति करने की तैयारी जोर पकड़ रही है। कारोबारियों को बीते वर्ष से यह कारोबार 10 करोड़ रुपये अधिक होने की उम्मीद है।
चांदी की पायल बनाने में आगरा का प्रमुख स्थान आता है। यहां की चेननुमा पायल का कोई तोड़ नहीं है। कीमत दो हजार रुपये तक होती है। इधर, त्योहार आते ही आगरा के करीब दो हजार कारखानों में काम जोरों से शुरू हो गया है। उप्र के अलावा बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ , गुजरात आदि राज्यों में आपूर्ति होने लगी है। लंबे समय बाद एक लाख से अधिक कारीगरों को ठीक से काम मिलना शुरू हो गया है।
पायल की ये वैरायटी भी की जाती पसंद
आगरा की पायल के अलावा राजकोट, मुंबई और अहमदाबाद की पायल भी पसंद की जाती है। हालांकि ये बनती आगरा में ही है, लेकिन डिजाइन वहां के होते हैं। इसका वजन 25 से लेकर 200 ग्राम तक होता है। कीमत एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चांदी की पायल बनाने में आगरा का प्रमुख स्थान आता है। यहां की चेननुमा पायल का कोई तोड़ नहीं है। कीमत दो हजार रुपये तक होती है। इधर, त्योहार आते ही आगरा के करीब दो हजार कारखानों में काम जोरों से शुरू हो गया है। उप्र के अलावा बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ , गुजरात आदि राज्यों में आपूर्ति होने लगी है। लंबे समय बाद एक लाख से अधिक कारीगरों को ठीक से काम मिलना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
पायल की ये वैरायटी भी की जाती पसंद
आगरा की पायल के अलावा राजकोट, मुंबई और अहमदाबाद की पायल भी पसंद की जाती है। हालांकि ये बनती आगरा में ही है, लेकिन डिजाइन वहां के होते हैं। इसका वजन 25 से लेकर 200 ग्राम तक होता है। कीमत एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक होती है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा आगरा की पायल पसंद की जाती है
करवाचौथ के लिए सबसे ज्यादा आगरा की पायल काफी पसंद की जाती है। इसमें में भी चेन नुमा पायल मांग में रहता है। त्योहार तक अनुमानित 100 करोड़ का कारोबार मिलने की उम्मीद है। - नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा सराफा एसोसिएशन
एक लाख से अधिक कारीगरों को मिलने लगा काम
लॉकडाउन के बाद से चांदी कारोबार संभलने की कोशिश में लगा है। करवाचौथ से उम्मीद बंधी हुई है। एक लाख से अधिक कारीगरों को काम मिलना शुरू हो गया है। - आनंद अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष श्री सराफा कमेटी
नुकसान की भरपाई कुछ हद तक हो पाएगी
आगरा में चांदी के छोटे-बड़े मिलाकर औसतन दो हजार कारखानों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। उम्मीद है कि करवाचौथ पर बीते कुछ माह पूर्व हुए नुकसान की भरपाई कुछ हद तक हो पाएगी। - सुनील वर्मा, सराफा स्वर्णकार एसोसिएशन नमक मंडी
करवाचौथ के लिए सबसे ज्यादा आगरा की पायल काफी पसंद की जाती है। इसमें में भी चेन नुमा पायल मांग में रहता है। त्योहार तक अनुमानित 100 करोड़ का कारोबार मिलने की उम्मीद है। - नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा सराफा एसोसिएशन
एक लाख से अधिक कारीगरों को मिलने लगा काम
लॉकडाउन के बाद से चांदी कारोबार संभलने की कोशिश में लगा है। करवाचौथ से उम्मीद बंधी हुई है। एक लाख से अधिक कारीगरों को काम मिलना शुरू हो गया है। - आनंद अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष श्री सराफा कमेटी
नुकसान की भरपाई कुछ हद तक हो पाएगी
आगरा में चांदी के छोटे-बड़े मिलाकर औसतन दो हजार कारखानों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। उम्मीद है कि करवाचौथ पर बीते कुछ माह पूर्व हुए नुकसान की भरपाई कुछ हद तक हो पाएगी। - सुनील वर्मा, सराफा स्वर्णकार एसोसिएशन नमक मंडी