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करवाचौथ आते ही बदला इन महिलाओं का मन, 'पिया के आंगन' में त्योहार मनाने को भूलीं 'गिले-शिकवे'
Wed, 16 Oct 2019 11:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 16 Oct 2019 11:13 AM IST
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Karwa Chauth
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जो महिलाएं लगभग दस महीने से आशा ज्योति केंद्र, महिला थाना और पुलिस परामर्श केंद्र में पति और ससुरालीजनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थनापत्र दे रहीं थी, उनमें से 37 का मन करवाचौथ नजदीक आते ही बदल गया। इन्होंने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि वे पति के घर जाना चाहती हैं। पूछने पर बताया कि सुहाग का पर्व मायके में ही मनाना चाहती हैं।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पिछले सालों में भी यह देखने में आया है कि जनवरी से दिसंबर तक इतने समझौते किसी और महीने में नहीं होते जितने उस महीने में होते हैं जिसमें करवाचौथ आता है।
2018 में करवाचौथ का पर्व अक्तूबर में ही था। कुल 62 समझौते हुए थे जबकि सितंबर और अगस्त में कुल मिलाकर 40 भी नहीं थे। 2019 में अब तक 22 हो चुके हैं। 13 तो पिछले तीन दिन में हुए हैं। वहीं आशा ज्योति केंद्र में 2018 में सात समझौते हुए। 2019 अक्तूबर में 15 समझौते हो चुके है।
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पिछले सालों में भी यह देखने में आया है कि जनवरी से दिसंबर तक इतने समझौते किसी और महीने में नहीं होते जितने उस महीने में होते हैं जिसमें करवाचौथ आता है।
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2018 में करवाचौथ का पर्व अक्तूबर में ही था। कुल 62 समझौते हुए थे जबकि सितंबर और अगस्त में कुल मिलाकर 40 भी नहीं थे। 2019 में अब तक 22 हो चुके हैं। 13 तो पिछले तीन दिन में हुए हैं। वहीं आशा ज्योति केंद्र में 2018 में सात समझौते हुए। 2019 अक्तूबर में 15 समझौते हो चुके है।
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केस-1
थाना एमएम गेट और और शाहगंज के दंपती का झगड़ा एक साल से चल रहा था। मामला आशा ज्योति केंद्र में था लेकिन करवाचौथ नजदीक आते ही महिला का मन बदल गया और वह अपने पति के साथ जाना चाहती है।
केस-2
टेढ़ी बगिया की विवाहिता करवाचौथ पर अपने पति के साथ समझौता करने के लिए इसलिए तैयार हो गई ताकि ससुराल में रह कर अपना करवाचौथ मना सके।
केस-3
सात महीने से मायके में रह रही थाना अछनेरा की युवती करवा चौथ के लिए काउंसलिंग की तारीख से पहले ही आ कर समझौता करके पति के साथ ससुराल चली गई।
थाना एमएम गेट और और शाहगंज के दंपती का झगड़ा एक साल से चल रहा था। मामला आशा ज्योति केंद्र में था लेकिन करवाचौथ नजदीक आते ही महिला का मन बदल गया और वह अपने पति के साथ जाना चाहती है।
केस-2
टेढ़ी बगिया की विवाहिता करवाचौथ पर अपने पति के साथ समझौता करने के लिए इसलिए तैयार हो गई ताकि ससुराल में रह कर अपना करवाचौथ मना सके।
केस-3
सात महीने से मायके में रह रही थाना अछनेरा की युवती करवा चौथ के लिए काउंसलिंग की तारीख से पहले ही आ कर समझौता करके पति के साथ ससुराल चली गई।
अलका ठाकुर, एसओ महिला थाना ने बताया कि कई मामलों में ऐसा देखने को मिला है कि महिलाएं झगड़ा भूल कर करवाचौथ पर अपने पति के साथ समझौता करके घर जाना चाह रही थी। जिनका समझौता करा कर भेज दिया गया है।
प्रियांजलि मिश्रा, काउंसलर आशा ज्योति केंद्र ने जानकारी दी कि कई महिलाएं केंद्र पर ऐसी भी आई है जिनकी काउंसलिंग की तारीख नहीं लगी थी महिलाओं का कहना है कि उनका समझौता करा दिया जाए ताकि वह ससुराल में करवा चौथ का व्रत रख सकें।
प्रियांजलि मिश्रा, काउंसलर आशा ज्योति केंद्र ने जानकारी दी कि कई महिलाएं केंद्र पर ऐसी भी आई है जिनकी काउंसलिंग की तारीख नहीं लगी थी महिलाओं का कहना है कि उनका समझौता करा दिया जाए ताकि वह ससुराल में करवा चौथ का व्रत रख सकें।