फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   ITI Scholarship scam in Mathura

छात्रवृत्ति घोटाला: मथुरा के 62 आईटीआई से होगी 23 करोड़ रुपये की रिकवरी

Tue, 05 Jan 2021 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 05 Jan 2021 12:16 AM IST
सार

  • संस्थानों पर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पने का है आरोप
  • 11 गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों को भी जारी की गई है छात्रवृत्ति 
  • शासन स्तर से की गई जांच के बाद हुआ घोटाले का खुलासा

विज्ञापन
ITI Scholarship scam in Mathura
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा जिले में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 23 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसे 62 आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) से शीघ्र रिकवरी की जाएगी। शासन स्तर से गठित समिति की जांच में घोटाले की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन को रिकवरी के आदेश किए गए हैं। 

विज्ञापन

घोटाले में शामिल 62 संस्थानों में 11 ऐसे हैं, जो गैर मान्यता प्राप्त हैं। संस्थानों के संचालकों और अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाला किया गया है। फिलहाल रिकवरी के लिए फर्जी संस्थानों के संचालकों तक पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती होगा। चर्चा है कि अभी 50 और संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। 
विज्ञापन

जिले में 184 प्राइवेट और चार सरकारी आईटीआई संस्थान हैं। सत्र 2015-16 से 2019-20 तक सौ से अधिक आईटीआई संस्थानों पर छात्रवृत्ति का घोटाला करने के आरोप लगे। शासन स्तर पर गठित समिति ने इस मामले की जांच की। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। उधर, समिति ने जिला प्रशासन को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एक जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 62 आईटीआई संस्थानों के खिलाफ छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पने के मामले में धारा 420, 468, 409 में मुकदमा दर्ज कराया। करीब 23 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि घोटाले में शामिल आईटीआई संस्थानों से शीघ्र ही रिकवरी की जाएगी। 

रसूख के चलते हड़पी छात्रवृत्ति की रकम 
छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल 62 आईटीआई संस्थानों में से कई संस्थानों का संचालन राजनीतिक दलों के पदाधिकारी तथा उनके रिश्तेदार करते हैं। अपने रसूख के चलते छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की कमाई इन लोगों ने की है। अब रिकवरी को लेकर संचालकों में खलबली मची है। 

चार डीआईओएस के कार्यकाल के दौरान हुआ घोटाला
आईटीआई संस्थानों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति को हड़पने के दौरान चार डीआईओएस का कार्यकाल रहा है। डीआईओएस की संस्तुति के बाद छात्रों की सूची समाज कल्याण विभाग में जाती है। जिस दौरान घोटाला हुआ तब सत्र 2015-16 में आईपीएस सोलंकी, 2017 में अरुण कुमार दुबे, 2018-19 में केपी सिंह और वर्तमान में राजेंद्र सिंह डीआईओएस हैं। 

इस मामले में आवेदन करने से लेकर खाते से छात्रवृत्ति निकालने के दौरान की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच होगी। बड़ा मामला ये है कि 11 गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों की छात्रवृत्ति के लिए किस अधिकारी ने संस्तुति की। अब यह मामला डीआईओएस दफ्तर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed