फर्जीवाड़ा: प्रमाणपत्र जमा करने से पहले ही गायब हुए 'गुरुजी', नहीं दे रहे पत्रावली
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कासगंज जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की कलई खोलने को चलाए जा रहे अभियान में जांच से पहले ही संदेह बढ़ने लगा है। सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों के दस्तावेज जांच को दो प्रतियों में जमा कराए जा रहे हैं।
सोमवार दोपहर तक हर हाल में संकुल शिक्षकों को खंड कार्यालयों पर दस्तावेज जमा करने थे, लेकिन कुछ शिक्षकों और तमाम शिक्षामित्रों ने अपनी पत्रावलियां ही जमा नहीं की हैं। संकुल शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारियों को इस लापरवाही से अवगत करा दिया है।
अनामिका प्रकरण के बाद शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की कलई खुलती ही जा रही है। जिले में भी 12 शिक्षक शिक्षिकाओं के फर्जी होने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि अभी भी कई संदिग्धों की जांच अलग-अलग टीमें कर रहीं हैं।
शासन ने दिए हैं निर्देश
इस बीच शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों के दस्तावेज जांच के लिए जमा करा रहा है। सोमवार तक संकुल शिक्षकों को खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से पत्रावलियां बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजनी थीं, लेकिन अभी तक खंड शिक्षाधिकारियों तक ही सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की पत्रावलियां नहीं पहुंची हैं।
जब खंड शिक्षाधिकारियों ने अलग-अलग संकुल शिक्षकों से फोन पर जानकारी ली तो पता चला कि कुछ शिक्षक और कई शिक्षामित्र पत्रावली जमा करने ही नहीं आए, जबकि कुछ ऐसे हैं, जिनसे विभाग संपर्क भी नहीं कर पा रहा।
आज तक का मौका
बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने बताया कि सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों और कर्मचारियों की पत्रावलियां जमा कराई जा रही हैं। संकुल शिक्षक परीक्षण के बाद पत्रावलियां जमा कर रहे हैं। कितनी पत्रावलियां जमा हो गईं, इसकी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जो पत्रावली जमा करने में अनदेखी करेंगे उन पर कार्रवाई होगी।