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Agra News: संक्रमण, धूम्रपान-फास्टफूड से गर्भ में शिशुओं की हो रही मौत
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हरीपर्वत स्थित होटल में संगोष्ठी
आगरा। ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण, गर्भवती के धूम्रपान-फास्टफूड की लत के कारण गर्भ में शिशुओं की मौत की दर बढ़ रही है। इसको कम करने के लिए आगरा ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी ने हरीपर्वत स्थित होटल में संगोष्ठी करते हुए बचाव और लक्षण के बारे में आगरा और अलीगढ़ के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।
अध्यक्ष डॉ. रजनी पचौरी ने बताया कि मृत शिशु का जन्म होने की दर बढ़ रही है। इसे चिकित्सकीय भाषा में स्टील बर्थ बोलते हैं। ये गर्भस्थ शिशु को ऑक्सीजन न मिलना, प्लेसेंटा से शिशु को भोजन-पानी में बाधा आना, कई तरह के संक्रमण समेत अन्य वजहों से हो सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं चिकित्सकीय परामर्श से अल्ट्रासाउंड समेत अन्य की जांच जरूर करवाएं। सचिव डॉ. मीनल जैन ने बताया कि स्टील बर्थ की जेनेटिक, एनीमिक, हाईब्लडप्रेशर, ऑटो इम्यून, मधुमेह और शराब-धूम्रपान, फास्टफूड समेत कई वजह भी मिल रही हैं। इन्हीं के कारण एक हजार में से करीब 20 मामलों में मृत शिशु का जन्म हो रहा है। इसको 12 से कम करने का लक्ष्य है। ऐसे में अगर गर्भस्थ शिशु कम घूम रहा है, अलग तरीके से घूम रहा है तो गर्भवती तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। अलीगढ़ शाखा की अध्यक्ष डॉ. तमकीन खान ने कहा कि गर्भवती महिलाएं पौष्टिक भोजन करें, नियमित जांच कराएं, धूम्रपान-शराब से बचें। बीमारी होने पर इलाज कराएं और चिकित्सक को इसकी जानकारी दें। संगोष्ठी में डॉ. सरोज सिंह, डॉ. अनुपमा शर्मा, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. अलका सारस्वत, डॉ. निर्मला यादव, डॉ. चित्रा बंसल, डॉ. निहारिका मल्होत्रा, डॉ. सुनीता भागिया, डॉ. निधि गुप्ता आदि ने भी व्याख्यान दिए।
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अध्यक्ष डॉ. रजनी पचौरी ने बताया कि मृत शिशु का जन्म होने की दर बढ़ रही है। इसे चिकित्सकीय भाषा में स्टील बर्थ बोलते हैं। ये गर्भस्थ शिशु को ऑक्सीजन न मिलना, प्लेसेंटा से शिशु को भोजन-पानी में बाधा आना, कई तरह के संक्रमण समेत अन्य वजहों से हो सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं चिकित्सकीय परामर्श से अल्ट्रासाउंड समेत अन्य की जांच जरूर करवाएं। सचिव डॉ. मीनल जैन ने बताया कि स्टील बर्थ की जेनेटिक, एनीमिक, हाईब्लडप्रेशर, ऑटो इम्यून, मधुमेह और शराब-धूम्रपान, फास्टफूड समेत कई वजह भी मिल रही हैं। इन्हीं के कारण एक हजार में से करीब 20 मामलों में मृत शिशु का जन्म हो रहा है। इसको 12 से कम करने का लक्ष्य है। ऐसे में अगर गर्भस्थ शिशु कम घूम रहा है, अलग तरीके से घूम रहा है तो गर्भवती तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। अलीगढ़ शाखा की अध्यक्ष डॉ. तमकीन खान ने कहा कि गर्भवती महिलाएं पौष्टिक भोजन करें, नियमित जांच कराएं, धूम्रपान-शराब से बचें। बीमारी होने पर इलाज कराएं और चिकित्सक को इसकी जानकारी दें। संगोष्ठी में डॉ. सरोज सिंह, डॉ. अनुपमा शर्मा, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. अलका सारस्वत, डॉ. निर्मला यादव, डॉ. चित्रा बंसल, डॉ. निहारिका मल्होत्रा, डॉ. सुनीता भागिया, डॉ. निधि गुप्ता आदि ने भी व्याख्यान दिए।
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