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सामुदायिक रेडियो पर हुई कोरोना संक्रमण से बचने की चर्चा, विशेषज्ञों ने बताए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाए
Mon, 21 Dec 2020 05:12 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 21 Dec 2020 05:12 PM IST
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सामाजिक सरोकार
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला व डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो 90.4-आगरा की आवाज के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘सामाजिक सरोकार’ के तहत रविवार को ‘कोरोना संक्रमण’ पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने संक्रमण से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि प्रकृति से सामंजस्य बैठाकर यह किया जा सकता है।
नेचुरापैथी व योग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता गर्ग ने कहा कि हर बीमारी का कारण हमारे अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना है। मानव शरीर अद्भुत है। प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाकर हम अपने अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं और कोरोना संक्रमण ही नहीं, अन्य बीमारियों से भी बच सकते हैं। प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली अपनाकर व प्राकृतिक भोजन करके भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। सुबह आधे घंटे का समय आसन के लिए देना चाहिए। वहीं, संक्रमण से ठीक हुए लोगों को योग निंद्रा (शवासन) करना चाहिए। आधे घंटे की योग निंद्रा आठ घंटे की नींद के बराबर होती है। प्रोटीन के लिए खरबूजे, तरबूज, काशीफल के बीज भूनकर 25 से 30 ग्राम सेवन करना चाहिए।
सादा भोजन करें, आत्मविश्वास कम न होने दें
विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान संस्थान की फूड एंड न्यूट्रीशन विभागाध्यक्ष व सामुदायिक रेडियो की प्रभारी डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि वह कोरोना संक्रमण से ठीक हुई हैं। संक्रमित होने के बाद मनोवैज्ञानिक रूप से असर पड़ता है। लोग अलग नजरिए से देखते हैं। यहां तक कि परिवार के सदस्यों से भी बात नहीं करते। इस बीमारी में लोगों को सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए। संक्रमण के दौरान हाथों को साफ-सुथरा रखना चाहिए, गरारा करते रहना चाहिए। इस दौरान ध्यान लगाने से आत्मविश्वास बढ़ता है। सादा भोजन करना चाहिए। आत्मविश्वास कम नहीं होने देना चाहिए।
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नेचुरापैथी व योग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता गर्ग ने कहा कि हर बीमारी का कारण हमारे अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना है। मानव शरीर अद्भुत है। प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाकर हम अपने अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं और कोरोना संक्रमण ही नहीं, अन्य बीमारियों से भी बच सकते हैं। प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली अपनाकर व प्राकृतिक भोजन करके भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। सुबह आधे घंटे का समय आसन के लिए देना चाहिए। वहीं, संक्रमण से ठीक हुए लोगों को योग निंद्रा (शवासन) करना चाहिए। आधे घंटे की योग निंद्रा आठ घंटे की नींद के बराबर होती है। प्रोटीन के लिए खरबूजे, तरबूज, काशीफल के बीज भूनकर 25 से 30 ग्राम सेवन करना चाहिए।
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सादा भोजन करें, आत्मविश्वास कम न होने दें
विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान संस्थान की फूड एंड न्यूट्रीशन विभागाध्यक्ष व सामुदायिक रेडियो की प्रभारी डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि वह कोरोना संक्रमण से ठीक हुई हैं। संक्रमित होने के बाद मनोवैज्ञानिक रूप से असर पड़ता है। लोग अलग नजरिए से देखते हैं। यहां तक कि परिवार के सदस्यों से भी बात नहीं करते। इस बीमारी में लोगों को सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए। संक्रमण के दौरान हाथों को साफ-सुथरा रखना चाहिए, गरारा करते रहना चाहिए। इस दौरान ध्यान लगाने से आत्मविश्वास बढ़ता है। सादा भोजन करना चाहिए। आत्मविश्वास कम नहीं होने देना चाहिए।
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