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गंगारतन डेवलपर पर आयकर सर्वे 

Wed, 30 Nov 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 30 Nov 2016 12:31 AM IST
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income tax survey on gangaratan  Developer
फतेहाबाद रोड स्थित आफिस पर मंगलवार शाम को की गई कार्रवाई, होटल से जुड़ा रहा है ग्रुप - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कालेधन पर संसद में जिस समय आयकर संशोधन विधेयक को मंजूर किया जा रहा था, उस समय आयकर विभाग ने गंगारतन ग्रुप की रियल एस्टेट कंपनी गंगारतन डेवलपर पर आयकर सर्वे की कार्रवाई कर दी। फतेहाबाद रोड स्थित कंपनी के आफिस पर आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग के एक दर्जन अधिकारियों ने सर्वे शुरू किया जो देर रात तक जारी रहा।
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फतेहाबाद रोड पर गंगारतन होटल से शुरू हुए गंगारतन ग्रुप की रियल एस्टेट कंपनी पर मंगलवार शाम को सर्वे किया गया। संयुक्त निदेशक आयकर जांच अमरेश कुमार तिवारी के निर्देशन में उप निदेशक जांच राजेश गुप्ता और सहायक निदेशक जांच सुरेंद्र कुमार ने टीडीआई माल के पास ताज रॉयल में बने गंगारतन डेवलपर पर सर्वे शुरू किया। शाम को शुरू हुए सर्वे में ताज रॉयल अपार्टमेंट पर ही जांच जारी रही। 320 यूनिट वाले लग्जरी अपार्टमेंट में ग्राहकों को पजेशन जनवरी 2018 में दिया जाना है। उनके  साथ हुए लेन-देन का ब्योरा, रसीदें, कच्ची रसीदें, बिल और कंप्यूटर, लैपटॉप की जांच जारी रही। नोटबंदी के बाद 500 और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को ठिकाने लगाने की शिकायतों की भी अधिकारी जांच की। देर रात तक रियल एस्टेट और होटल से जुड़े कागजातों को अधिकारी खंगालते रहे। मंगलवार को हुए इस सर्वे से बिल्डरों में हड़कंप मच गया है। इससे पहले कावेरी हाउसिंग पर सर्वे से पहले ही रियल एस्टेट से जुड़े लोग घबराए हुए थे। सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह तक शहर के बुलियन और ज्वेलरी कारोबारियों पर सर्वे और सर्च की बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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दिवाली के बाद ताबड़तोड़ छापे
आगरा। आयकर विभाग ने दिवाली के बाद ताबड़तोड़ ढंग से छापेमारी की है। आय घोषणा योजना के खत्म होने के बाद से ही आयकर विभाग ने कालेधन पर कार्रवाई के लिए सर्वे और सर्च की कार्रवाई तेज कर दीं। शहर के चिकित्सकों, जूता निर्यातकों, कालीन निर्माताओं, रियल एस्टेट, सराफा और बुलियन कारोबारियों पर छापे मारे गए हैं। तीन दिन पहले ही छवि ज्वैलर्स ने सर्वे में ढाई करोड़ तो कावेरी हाउसिंग ने तीन करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर की है। दो महीने के अंदर अब तक विभाग को 76 करोड़ रुपये अघोषित आय के रूप में सरेंडर हुए हैं।
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