फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   in uttar pradesh agra is more accident prone after lucknow and kanpur

यूपीः खूनी सड़कों के मामले में आगरा का नंबर तीसरा, ये शहर सबसे खतरनाक

Sat, 04 Nov 2017 03:59 PM IST
आशीष शर्मा/अमर उजाला आगरा
आशीष शर्मा/अमर उजाला आगरा Updated Sat, 04 Nov 2017 03:59 PM IST
विज्ञापन
in uttar pradesh agra is more accident prone after lucknow and kanpur
सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में खूनी सड़कों के मामले में आगरा तीसरे नंबर पर हैं। सबसे ज्यादा लखनऊ, फिर कानपुर, इसके बाद आगरा में सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं। लोगों की जान गई और घायल भी हुए हैं। कभी सड़क निर्माण में खामी तो लापरवाही हादसों की वजह बन रही है।
विज्ञापन


भारत सरकार की सड़क परिवहन और हाईवे परिवहन मंत्रालय की रिसर्च विंग की ओर से 50 शहरों की सूची में आगरा का भी नाम है। जारी आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ और मेरठ का नाम शामिल है। 
विज्ञापन


इसके मुताबिक, साल 2015 में आगरा में 1143 सड़क दुर्घटनाएं र्हुईं। इनमें से 474 लोग मरे, जबकि 650 लोग घायल हुए। साल 2016 में यह आंकड़ा कुछ बढ़ गया। 1062 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 522 लोग मरे और 811 लोग घायल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

साल 2016 की यह है स्थिति

   
                     हादसे       मरने वाले    घायल
लखनऊ :       1639      631            990
कानपुर :        1451       684            911
आगरा :        1062       522           811
मेरठ :           977        421            748
गाजियाबाद : 881        421           647
 

साल 2015 की यह है स्थिति   

  
            हादसे       मरने वाले        घायल
कानपुर : 1496       665            1077
लखनऊ : 1371      526            820
आगरा :  1143       474           650
मेरठ :    962        396            721
गाजियाबाद : 826     331           668

ट्रिपल ‘ओ’ है हादसों की प्रमुख वजह

in uttar pradesh agra is more accident prone after lucknow and kanpur
हादसा - फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक , ट्रिपल ओ हादसों की प्रमुख वजह है। नंबर एक ओवर स्पीड से हादसे होते हैं। हाईवे और एक्सप्रेस वे पर निर्धारित गति से अधिक पर वाहन चलाने पर हादसा होता है। 

नंबर दो पर ओवर लोडिंग है। वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को ले जाना और क्षमता से अधिक माल लदा होना हादसों की वजह बनता है। इसके अलावा तीसरे नंबर ओवरटेकिंग भी है। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर गलत तरीके से ओवरटेक करते समय वाहन हादसों का शिकार हो जाते हैं।

सड़क निर्माण में खामी भी

सड़क निर्माण में खामी की वजह से भी हादसे होते हैं। कहीं सड़क पर निर्धारित स्पीड के बोर्ड नहीं लगे होते तो टर्न पर संकेतकों का न लगा होना भी हादसों की वजह बनता है। कई बार वाहनों के सड़क पर पार्क करने की वजह से दूसरे वाहन उनसे भिड़ जाते हैं। शहरी क्षेत्र में लोगों के आने जाने के लिए अंडरपास नहीं होने की वजह से हाईवे पर होकर क्रास करते हैं। ऐसे में भी सड़क दुर्घटना हो जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed