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बाह के 30 गांवों में तीसरे दिन भी बत्ती गुल
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बाह। आंधी और बारिश के कारण रविवार को 80 पोल टूटने से बाह जैतपुर क्षेत्र की बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त गई थीं, जिससे 150 गांव अंधेरे में डूब गए थे। तीन दिन बाद भी 30 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लोगों को पानी की भी समस्या से जूझना पड़ रहा है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि टोडीपुरा, आम का पुरा, चौरंगाहार, सामरमउ, प्रथमपुरा, मझटीला, बिरखेपुरा आदि 30 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। टीमों को लगाया गया है। वहीं तीन दिन से बिजली नहीं मिलने से लोग गर्मी के कारण परेशान हैं। लोगों को गेहूं पिसाने से लेकर मोबाइल फोन चार्ज करने तक के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। क्षेत्र के मानसिंह, अशोक कुमार, पुरुषोत्तम सिंह, महेश चंद्र, सावित्री, उर्मिला आदि ने बताया कि रात में हादसे या चोरी आदि का खतरा पैदा हो गया है। अधिशाषी अभियंता मनमोहन शर्मा ने बताया कि अधिकांश लाइनें दुरुस्त हो गईं हैं। जल्द ही बकाया गांवों की भी बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
पीने के पानी के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत
बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों से प्रभावित गांवों में मंगलवार को तीसरे दिन भी पानी की समस्या से लोग जूझते रहे। वहीं पीने के पानी की किल्लत के बीच जरार ने दूसरे गांवों को आइना दिखाया। मंगलवार को भी जरार, टोढ़ीपुरा, आम का पुरा में जेनरेटर चलाकर टीटीएसपी से लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। गांव के उमेश सिसौदिया ने बताया कि बिजली संकट ने स्वच्छ पानी का महत्व समझा दिया है।
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अधिशासी अभियंता ने बताया कि टोडीपुरा, आम का पुरा, चौरंगाहार, सामरमउ, प्रथमपुरा, मझटीला, बिरखेपुरा आदि 30 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। टीमों को लगाया गया है। वहीं तीन दिन से बिजली नहीं मिलने से लोग गर्मी के कारण परेशान हैं। लोगों को गेहूं पिसाने से लेकर मोबाइल फोन चार्ज करने तक के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। क्षेत्र के मानसिंह, अशोक कुमार, पुरुषोत्तम सिंह, महेश चंद्र, सावित्री, उर्मिला आदि ने बताया कि रात में हादसे या चोरी आदि का खतरा पैदा हो गया है। अधिशाषी अभियंता मनमोहन शर्मा ने बताया कि अधिकांश लाइनें दुरुस्त हो गईं हैं। जल्द ही बकाया गांवों की भी बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
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पीने के पानी के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत
बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों से प्रभावित गांवों में मंगलवार को तीसरे दिन भी पानी की समस्या से लोग जूझते रहे। वहीं पीने के पानी की किल्लत के बीच जरार ने दूसरे गांवों को आइना दिखाया। मंगलवार को भी जरार, टोढ़ीपुरा, आम का पुरा में जेनरेटर चलाकर टीटीएसपी से लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। गांव के उमेश सिसौदिया ने बताया कि बिजली संकट ने स्वच्छ पानी का महत्व समझा दिया है।
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