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आधे शहर में 19 से ठप हो सकती है जलापूर्ति
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 10 Apr 2015 01:41 AM IST
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शहर की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सिंकदरा वाटर वर्क्स में बनाया गया मैमब्रेन प्लांट 19 अप्रैल से बंद हो सकता है। प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी ने विद्युत बिल का भुगतान नहीं करने पर हाथ खड़े कर दिए हैं।
परियोजना अधिकारी पीयूष पंकज का कहना है कि त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड नोएडा जुलाई 2014 से प्लांट का संचालन कर रही है। करार की शर्तों के मुताबिक कंपनी को प्लांट संचालन में होने वाले व्ययों के साथ-साथ विद्युत बिल का भुगतान भी किया जाएगा, लेकिन जुलाई 2014 से मार्च 2015 तक न तो नगर निगम और न ही शासन की ओर से पैसा दिया गया है। विद्युत बिल की देयता करीब 8.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में प्लांट चलाना मुश्किल है। परियोजना प्रबंधक ने 19 अप्रैल से प्लांट बंद करने की चेतावनी दी है। गौरतलब कि जापान की मदद से तकरीबन 140 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट बनाया गया है। इस प्लांट के बनने के बाद पुराने प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए नए प्लांट से यमुना का पानी शोधित होगा। ऐसे में यदि 19 अप्रैल से कंपनी प्लांट संचालन से हाथ खड़े कर देगी तो लगभग आधे शहर की जलापूर्ति ठप हो जाएगी।
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परियोजना अधिकारी पीयूष पंकज का कहना है कि त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड नोएडा जुलाई 2014 से प्लांट का संचालन कर रही है। करार की शर्तों के मुताबिक कंपनी को प्लांट संचालन में होने वाले व्ययों के साथ-साथ विद्युत बिल का भुगतान भी किया जाएगा, लेकिन जुलाई 2014 से मार्च 2015 तक न तो नगर निगम और न ही शासन की ओर से पैसा दिया गया है। विद्युत बिल की देयता करीब 8.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में प्लांट चलाना मुश्किल है। परियोजना प्रबंधक ने 19 अप्रैल से प्लांट बंद करने की चेतावनी दी है। गौरतलब कि जापान की मदद से तकरीबन 140 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट बनाया गया है। इस प्लांट के बनने के बाद पुराने प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए नए प्लांट से यमुना का पानी शोधित होगा। ऐसे में यदि 19 अप्रैल से कंपनी प्लांट संचालन से हाथ खड़े कर देगी तो लगभग आधे शहर की जलापूर्ति ठप हो जाएगी।
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