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नहीं हटे कब्जे: डलावघर में बदल गई तालाब की जमीन, कुआं सूखा, नगर निगम भूमि पर लगाया संपत्ति का बोर्ड
Wed, 24 Nov 2021 11:58 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:58 AM IST
सार
हाईकोर्ट प्रयागराज ने मुख्य सचिव को तालाबों को पुराने मूल स्वरूप में लौटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन किया था। कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक तालाबों से अवैध कब्जे नहीं हटे हैं।
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तालाब की जमीन पर रखा कूड़ादान और लगा बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के गैलाना में तालाब सूखा तो कुआं भी सूख गया। तालाब की जमीन डलावघर में बदल गई। अब यहां कूड़े के ढेर हैं। नगर निगम ने भूमि पर संपत्ति का बोर्ड लगाकर तालाब के जीर्णोद्धार की इतिश्री कर ली। गैलाना ही नहीं, शहरी क्षेत्र में 41 तालाब ऐसे हैं जिन्हें पुराने स्वरूप में लौटने का इंतजार है।
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हाईकोर्ट ने सितंबर 2019 में जिला प्रशासन को तालाब, पोखर व वाटर बॉडीज को संरक्षित करने के आदेश दिए थे। तालाबों को सन 1952 के पुराने स्वरूप में लौटाना था। डीएम के आदेश पर हुए सर्वे में छह तहसीलों में 147 तालाबों पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे मिले। जिन्हें हटाने के लिए एडीएम वित्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। दो साल बाद भी नतीजा सिफर रहा। प्रशासन ने सात तालाबों को कब्जा मुक्त कराने का दावा किया है, जबकि नगर निगम को 41 तालाबों से अतिक्रमण हटवाना था। तालाबों को चिह्नित कर वहां बोर्ड लगा कर औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं।
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तालाबों पर कब्जों को बेदखली के लिए मुकदमे विचाराधीन हैं। जिला स्तर व नगर स्तर पर मुकदमों में प्रभावी पैरवी नहीं होने के कारण कब्जेदार बेदखल नहीं हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों से कब्जे हटाने को लेकर मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन का कहना है कि कब्जा करने वालों के विरुद्ध राजस्व संहिता धारा 122 के तहत मुकदमे दर्ज कराए हैं। बेदखल करने से पहले उनका पक्ष सुना जाएगा।
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प्रशासन है जिम्मेदार
तालाबों का सरंक्षण नहीं होने के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। जनहित याचिका में स्पष्ट आदेश हैं। फिर भी दो साल से कार्रवाई नहीं हुई। विभाग आरटीआई का जवाब भी नहीं देते। -सुरेश चंद सोनी, याचिककर्ता
14 लाख का एस्टीमेट
गैलाना में तालाब की खोदाई के लिए 14 लाख रुपये का एस्टीमेट नगर निगम से बनवाया था। टेंडर प्रक्रिया होनी थी। अभी तक तालाब पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। -मुकेश यादव, क्षेत्रीय पार्षद
जीर्णोद्धार कराया जा रहा
तालाबों से अतिक्रमण हटाने की समीक्षा करेंगे। कई तालाबों का जीर्णोद्धार मनरेगा के तहत हुआ है। जिनमें मुकदमे हैं उनमें पैरवी कराई जाएगी। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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