Agra: वजन बढ़ा तो शरीर में पांच बीमारियों का खतरा, विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोग पर जताई चिंता
यदि आपका वजन बढ़ा तो शरीर में पांच बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोग पर चिंता जताई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्डियोलॉजी के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने 65 फीसदी युवाओं का वजन बढ़ने पर चिंता जताई। कहा कि इससे हृदय रोग, मधुमेह, ब्रेन स्ट्रोक, मोटापा, उच्च रक्तचाप आदि बीमारियां मिल रही हैं।
नई दिल्ली के डॉ. विवेका कुमार ने कहा कामकाजी 30 से 45 साल के युवकों में सोने-जागने और खाने-पीने का समय गड़बड़ होने से ये दिक्कतें मिल रही हैं। डॉ. सौरभ नागर ने कहा कि धूम्रपान, एल्कोहल की लत से भी बीमारी बढ़ने की दर अधिक है। किडनी, हृदयाघात, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा तीन गुना है।
डॉ. मुनीष तोमर ने कहा युवाओं के फेफड़े भी कमजोर हो रहे हैं। दिल्ली के डॉ. नीरज अवस्थी ने फिटनेस और दिनचर्या सुधारने पर जोर दिया। फरीदाबाद के डॉ. गजिंदर गोयल ने आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) पर कहा कि इससे हृदय रोग की दस्तक पता चल सकेगी। हृदयाघात का खतरा बढ़ने से पहले नियंत्रित कर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
आयोजन सचिव डॉ. सुवीर गुप्ता ने सभी का आभार जताया। डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. अतिहर्ष अग्रवाल, डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. विजय खुराना, डॉ. सचिन गोयल, डॉ. नरेंद्र चौहान, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. अरविंद जैन आदि ने भी व्याख्यान दिए।
बच्चा नीला तो हृदय में हो सकता है छेद
लखनऊ के डॉ. वीएस नारायण ने कहा कि पैदायशी नीले नवजात या फिर रोने के बाद शरीर नीला पड़ने लगे तो हृदय में छेद हो सकता है। फेफड़ों की नस भी सूखी हो सकती है। ये जन्मजात हृदय रोग हैं। ऐेसे में शिशु को विशेषज्ञ को दिखाते हुए एक्सरे और ईसीजी करा लेनी चाहिए।