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Agra News: घर बनेंगे अब कमाई का जरिया, ठहरेंगे पर्यटक
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आगरा। पर्यटन नगरी में अब घर कमाई का जरिया बनेंगे। इनमें पर्यटक ठहर सकेंगे। यह सब होगा पर्यटन विभाग की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 से, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं।
आगरा में होटलों की भरमार है। लेकिन अब लोग अपने घरों के अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराकर आय बढ़ा सकेंगे। इसका उद्देश्य पर्यटकों को घर जैसा माहौल देना और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
तीन श्रेणियों में मिलेगा लाभ: शहरी, ग्रामीण और बीएंडबी
नीति के तहत तीन तरह की इकाईयां पंजीकृत की जा सकती हैं। शहरी होमस्टे में यदि आप खुद घर में रहते हैं, तो अधिकतम 6 कमरों (12 बेड) तक पर्यटकों को ठहरा सकते हैं। ग्रामीण होमस्टे में ग्रामीण अपने घर के 6 कमरों तक का उपयोग पर्यटकों के लिए कर सकते हैं। बेड एंड ब्रेकफास्ट के तहत यदि मालिक घर में नहीं रहता, तो भी वह 1 से 6 कमरों तक को किराए पर दे सकता है, बशर्ते वहां एक केयरटेकर तैनात हो। इस योजना में होमस्टे संचालन को व्यावसायिक नहीं माना जाएगा। बिजली, जल और गृह कर का भुगतान आवासीय दरों पर ही करना होगा। इसके अलावा, संचालकों को प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल सब्सिडी और पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर मुफ्त प्रचार की सुविधा मिलेगी। पर्यटन प्रबंधन संस्थान से निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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ऐसे करें आवेदन
इस योजना में इकाइयों का पंजीकरण ऑनलाइन होगा। इच्छुक भवन स्वामी आधिकारिक पोर्टल https://up-tourismportal.in/application/bnb/login पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
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आगरा में होटलों की भरमार है। लेकिन अब लोग अपने घरों के अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराकर आय बढ़ा सकेंगे। इसका उद्देश्य पर्यटकों को घर जैसा माहौल देना और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
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तीन श्रेणियों में मिलेगा लाभ: शहरी, ग्रामीण और बीएंडबी
नीति के तहत तीन तरह की इकाईयां पंजीकृत की जा सकती हैं। शहरी होमस्टे में यदि आप खुद घर में रहते हैं, तो अधिकतम 6 कमरों (12 बेड) तक पर्यटकों को ठहरा सकते हैं। ग्रामीण होमस्टे में ग्रामीण अपने घर के 6 कमरों तक का उपयोग पर्यटकों के लिए कर सकते हैं। बेड एंड ब्रेकफास्ट के तहत यदि मालिक घर में नहीं रहता, तो भी वह 1 से 6 कमरों तक को किराए पर दे सकता है, बशर्ते वहां एक केयरटेकर तैनात हो। इस योजना में होमस्टे संचालन को व्यावसायिक नहीं माना जाएगा। बिजली, जल और गृह कर का भुगतान आवासीय दरों पर ही करना होगा। इसके अलावा, संचालकों को प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल सब्सिडी और पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर मुफ्त प्रचार की सुविधा मिलेगी। पर्यटन प्रबंधन संस्थान से निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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ऐसे करें आवेदन
इस योजना में इकाइयों का पंजीकरण ऑनलाइन होगा। इच्छुक भवन स्वामी आधिकारिक पोर्टल https://up-tourismportal.in/application/bnb/login पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।