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गोकुल पहुंचा होली का उल्लास, गोपियों संग छड़ीमार होली खेलेंगे कान्हा, अनोखी है यह परंपरा
Mon, 18 Mar 2019 12:54 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 18 Mar 2019 12:54 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बरसाना, नंदगांव, मथुरा और वृंदावन के बाद ब्रज की अलौकिक होली का उल्लास गोकुल की कुंज गलियों तक पहुंच गया है। सोमवार को यहां कान्हा गोपियों के साथ छड़ीमार होली खेलेंगे। इसके लिए गोकुल भव्य रूप से सजाया गया है।
होली के डोला के साथ यमुना किनारे छड़ीमार होली का आयोजन होगा। मुरलीधर घाट पर भी विषेष व्यवस्था की गई है। गोकुल के प्रवेश द्वारों को भव्य रूप से सजाया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
लठमार होली की तरह छड़ीमार होली की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है। मथुरा कारागार में जन्म लेने के बाद कान्हा यमुनापार कर नंदबाबा के गांव गोकुल आ गये थे। भगवान श्रीकृष्ण का बचपन यहीं बीता और बाल लीलाएं कीं।
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होली के डोला के साथ यमुना किनारे छड़ीमार होली का आयोजन होगा। मुरलीधर घाट पर भी विषेष व्यवस्था की गई है। गोकुल के प्रवेश द्वारों को भव्य रूप से सजाया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
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लठमार होली की तरह छड़ीमार होली की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है। मथुरा कारागार में जन्म लेने के बाद कान्हा यमुनापार कर नंदबाबा के गांव गोकुल आ गये थे। भगवान श्रीकृष्ण का बचपन यहीं बीता और बाल लीलाएं कीं।
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बाल्यकाल में गोपियों संग होली खेलते थे कान्हा
मान्यता है कि बाल्यकाल में कान्हा यहां होली खेलते थे तो गोपिकांए उन्हें छोटी-छोटी छड़ियों से छेड़ती थीं। माता यशोदा गोपिकाओं का ऐसा करने से मना करती हैं लेकिन गोपिकांए कान्हा के साथ होली खेलने का मोह नहीं छोड़ पाती हैं।
यही वजह है कि नंदगांव, बरसाना में भगवान लठमार होली खेलते हैं तो बड़े भाई बलदाऊ बल्देव में हुरंगा खेलते हैं। गोकुल में बालस्वरूप श्रीकृष्ण छड़ी होली खेलते हुए मिलेंगे। छड़ीमार होली का आनंद लेने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आते हैं।
यही वजह है कि नंदगांव, बरसाना में भगवान लठमार होली खेलते हैं तो बड़े भाई बलदाऊ बल्देव में हुरंगा खेलते हैं। गोकुल में बालस्वरूप श्रीकृष्ण छड़ी होली खेलते हुए मिलेंगे। छड़ीमार होली का आनंद लेने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आते हैं।